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रांची: बुधवार को झारखंड राय विश्वविद्यालय (JRU) का छठा दीक्षांत समारोह राजधानी में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस गरिमामय समारोह में कुल 494 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। इस वर्ष के समारोह की सबसे खास बात ‘नारी शक्ति’ का दबदबा रही। विश्वविद्यालय के आंकड़ों के अनुसार, पदक जीतने के मामले में छात्राओं ने बाजी मारी। कुल 14 गोल्ड मेडल में से 8 छात्राओं के नाम रहे, जबकि दो चांसलर मेडल में से एक पर भी छात्रा ने कब्जा जमाया।
शिक्षा केवल डिग्री नहीं, व्यक्तित्व निर्माण है
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने डिग्री प्राप्त करने वाले युवाओं में नया जोश भरा। उन्होंने कहा, “दीक्षांत समारोह आपकी शैक्षणिक यात्रा का अंत नहीं है, बल्कि यह आपके वास्तविक जीवन की यात्रा का शुभारंभ है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा का असली उद्देश्य केवल एक कागज की डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि नैतिक मूल्यों का विकास और समाज के अंतिम व्यक्ति की सेवा करना है।
राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘विकसित भारत @2047’ के सपने को पूरा करने की जिम्मेदारी आज के युवाओं पर है। उन्होंने स्टार्टअप इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसे अभियानों का जिक्र करते हुए विद्यार्थियों को ‘रोजगार खोजने वाला’ नहीं, बल्कि ‘रोजगार देने वाला’ (Job Creator) बनने की प्रेरणा दी। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और हरित ऊर्जा जैसे उभरते क्षेत्रों में कौशल हासिल करने पर बल दिया।
अर्जुन मुंडा का आह्वान शोध आधारित ज्ञान पर दें जोर
पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने इस अवसर पर कहा कि झारखंड प्रकृति और संसाधनों की धरती है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे केवल नौकरी पाने के उद्देश्य से पढ़ाई न करें, बल्कि भारत की मौलिक ज्ञान परंपरा और स्वदेशी तकनीक (Indigenous Technology) पर शोध करें। उन्होंने कहा कि भारत को अब केवल उत्पादन के क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि रिसर्च और इनोवेशन में भी विश्व का नेतृत्व करना चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति और प्रेरणादायक विचार
समारोह में सेशेल्स गणराज्य की भारत में उच्चायुक्त ललतियाना एकौचे ने शिरकत की। उन्होंने अपनी व्यक्तिगत यात्रा साझा करते हुए बताया कि शिक्षा ही वह माध्यम है जिससे महिलाएं समाज के सर्वोच्च पदों तक पहुंच सकती हैं। वहीं, विश्वविद्यालय की पूर्व कुलाधिपति और विमेन इकोनॉमिक फोरम की संस्थापक डॉ. हरबिन अरोड़ा राय ने मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) जैसे संवेदनशील विषयों पर विश्वविद्यालय के कार्यों की सराहना की।
उपलब्धियों का ब्योरा, प्रगति पथ पर JRU
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. पीयूष रंजन ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि पिछले शैक्षणिक वर्ष में नामांकन में 35 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो विश्वविद्यालय की बढ़ती साख का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि शिक्षकों के नाम 30 से अधिक पेटेंट दर्ज हैं और कई विद्यार्थियों के स्टार्टअप्स को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
डिग्री और मेडल का गणित
दीक्षांत समारोह में कुल 494 डिग्रियां बांटी गईं, जिनमें:
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स्नातकोत्तर (PG) : 107 विद्यार्थी
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स्नातक (UG) : 315 विद्यार्थी
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डिप्लोमा : 61 विद्यार्थी
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पीएचडी (PhD) : 11 शोधार्थी
समारोह का सफल संचालन कुलसचिव डॉ. अमृता मजूमदार ने किया। डिग्रियां पाकर विद्यार्थियों के चेहरे खिल उठे और पूरा परिसर ‘जय जोहार’ और शुभकामनाओं की गूँज से सराबोर रहा।

