Ranchi News : रांची में आज झारखंड आंदोलन के महानायक और वीर शहीद निर्मल महतो के शहादत दिवस पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की ओर से शहीद निर्मल महतो चौक स्थित उनकी आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। पूरा माहौल ‘निर्मल महतो अमर रहें’ के नारों से गूंज उठा।

निर्मल महतो, झारखंड अलग राज्य आंदोलन के अग्रणी योद्धाओं में से एक थे। उन्होंने अपने जीवन को झारखंड की पहचान, सम्मान और अधिकार के लिए समर्पित कर दिया। वे न केवल एक आंदोलनकारी थे, बल्कि सामाजिक न्याय और जनहित के लिए भी निरंतर संघर्षरत रहे। उनकी शहादत ने झारखंड की जनभावनाओं को और भी प्रबल बनाया और आंदोलन को निर्णायक मोड़ दिया।

श्रद्धांजलि सभा में जुटे नेता और कार्यकर्ता
इस मौके पर विधायक अमित महतो, JMM के केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रीयो भट्टाचार्य, विनोद कुमार पांडेय, जिला संयोजक मुस्ताक आलम, कलाम खान, डॉ हेमलाल कुमार मेहता, राजकुमार महतो, डॉ मुजफ्फर हुसैन समेत JMM के कई वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता और स्थानीय मौजूद थे। सभी ने उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनके संघर्षों को नमन किया। नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि निर्मल महतो का बलिदान व्यर्थ नहीं गया और उनके सपनों का झारखंड आज एक वास्तविकता है।

उन्होंने कहा कि निर्मल महतो जैसे वीरों के संघर्ष और बलिदान से ही झारखंड राज्य का निर्माण संभव हुआ। उनके जीवन से हमें प्रेरणा मिलती है कि समाज और प्रदेश के हित में कार्य करते समय कभी भी अन्याय के आगे झुकना नहीं चाहिए।

निर्मल महतो का योगदान
निर्मल महतो ने आंदोलन के हर चरण में सक्रिय भूमिका निभाई। वे गरीबों, किसानों और वंचितों की आवाज़ बनकर उभरे। उनके नेतृत्व में कई जनआंदोलन हुए, जिनसे झारखंड के अलग राज्य बनने की नींव और मजबूत हुई। उनकी शहादत ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था, लेकिन साथ ही यह संदेश भी दिया कि बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जाता। आज भी झारखंड की राजनीति और समाज में उनका नाम सम्मान और गर्व के साथ लिया जाता है।

JMM का संकल्प
कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं ने कहा कि JMM उनके अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा। विकास, शिक्षा, रोजगार और आदिवासी-अल्पसंख्यक समाज के उत्थान के लिए पार्टी हमेशा प्रतिबद्ध है। शहादत दिवस का यह आयोजन न केवल श्रद्धांजलि देने का अवसर था, बल्कि यह भी याद दिलाने का कि झारखंड की आत्मा ऐसे ही वीरों के त्याग और संघर्ष में बसती है।

Share.
Exit mobile version