Jharkhand News: झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर 13,299.69 करोड़ रुपये की बकाया राशि माफ करने का आग्रह किया है। यह राशि राज्य में नक्सल उन्मूलन अभियान के लिए तैनात केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CAPF) की प्रतिनियुक्ति से जुड़ी है। सोरेन ने अपने पत्र में कहा कि सीमित संसाधनों के बीच राज्य पर इस राशि का बोझ बहुत बड़ा है और इसे माफ करना नक्सल उन्मूलन की दिशा में राज्य की क्षमता को मजबूत करेगा।
सीएम ने पत्र में स्पष्ट किया कि झारखंड अपने गठन वर्ष 2000 से ही नक्सलवाद से प्रभावित राज्य रहा है। नक्सलवाद को खत्म करने के लिए राज्य सरकार उपलब्ध संसाधनों और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की मदद से लगातार अभियान चला रही है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप उग्रवादी गतिविधियों में उल्लेखनीय गिरावट आई है।
सोरेन ने लिखा कि वर्तमान में CAPF की भारी तैनाती के कारण राज्य पर 13,299 करोड़ रुपये की देनदारी बन गई है। उन्होंने कहा कि इस खर्च का बड़ा हिस्सा राज्य सरकार पर डालना व्यावहारिक नहीं है, क्योंकि राज्य पहले से ही वित्तीय चुनौतियों से जूझ रहा है। इस कारण विकास योजनाओं पर असर पड़ रहा है और नए प्रोजेक्ट्स के लिए संसाधन जुटाना मुश्किल हो रहा है।
400 से अधिक जवानों ने गंवाई जान
सीएम ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि अब तक राज्य में नक्सल उन्मूलन अभियानों में 400 से अधिक पुलिस अधिकारी और जवान शहीद हो चुके हैं। उन्होंने इसे राज्य और केंद्र दोनों की साझा जिम्मेदारी बताया।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के बाद राज्य सरकार आर्थिक पुनरुत्थान, आपदाओं से निपटने और जनकल्याणकारी योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करने में जुटी हुई है, जिससे वित्तीय बोझ और बढ़ गया है। ऐसे में CAPF की तैनाती से जुड़ी बकाया राशि का भुगतान करना राज्य की विकास योजनाओं को बाधित कर सकता है।
सहकारी संघवाद का हवाला
सीएम ने अपने पत्र में सहकारी संघवाद का जिक्र करते हुए कहा कि नक्सलवाद को खत्म करना न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश की प्राथमिकता है। उन्होंने केंद्र से इस बकाया राशि को माफ करने के लिए जरूरी कार्रवाई करने का अनुरोध किया।
सोरेन का कहना है कि यह कदम राज्य की वित्तीय स्थिति को मजबूत करेगा और नक्सल उन्मूलन अभियान को नई गति देगा।
नक्सल सफाई अभियान जारी
इस बीच, झारखंड पुलिस ने जानकारी दी कि शीर्ष भाकपा (माओवादी) कमांडरों पर शिकंजा कसने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। इन पर 8.45 करोड़ रुपये का इनाम घोषित है। पिछले छह महीनों में सुरक्षा बलों ने 197 नक्सलियों को गिरफ्तार किया, 10 ने आत्मसमर्पण किया, और 17 नक्सली मुठभेड़ों में मारे गए।
सीएम ने अंत में कहा कि उन्हें विश्वास है कि गृह मंत्री का सहयोग और सकारात्मक दृष्टिकोण राज्य को इस वित्तीय बोझ से राहत दिलाएगा और झारखंड नक्सल उन्मूलन की दिशा में और तेजी से आगे बढ़ सकेगा।



