Koderma News: झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता ने कहा है कि राज्य में किसी निर्दोष पर कार्रवाई नहीं होगी और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पत्रकारों के साथ न्यायसंगत व्यवहार किया जाएगा। उन्होंने यह बयान झारखंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन (JJA) के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान दिया।
संघ के संस्थापक शाहनवाज हसन ने विभिन्न जिलों के चार पत्रकारों के मामलों को विस्तार से रखा। इनमें जादूगोड़ा के पत्रकार सुशील अग्रवाल, बालूमाथ के पत्रकार सुरेंद्र गुप्ता, पूर्वी सिंहभूम के पत्रकार मणि शंकर भगत और धनबाद के पत्रकार अजीत सिन्हा के मामले शामिल थे।
जादूगोड़ा के मामले में आरोप है कि थाना प्रभारी ने साइबर अपराधियों को संरक्षण देने वाले व्यक्ति के साथ मिलीभगत कर पत्रकार पर झूठा मामला दर्ज किया। इस पर डीजीपी ने डीआईजी कोल्हान को जांच का आदेश दिया। वहीं, बालूमाथ में पत्रकार सुरेंद्र गुप्ता पर खबर संकलन के दौरान जानलेवा हमला हुआ था, जिसका आरोपी अभी तक गिरफ्तार नहीं हुआ है। उल्टा, थाना प्रभारी और कोयला माफिया की मिलीभगत से उन पर ही झूठा केस कर दिया गया।
पूर्वी सिंहभूम के पत्रकार मणि शंकर भगत पर मुखिया द्वारा भ्रष्टाचार उजागर करने पर SC/ST अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। उन्होंने डीजीपी को प्रकाशित खबर और शिकायत की प्रति सौंपी। धनबाद में पत्रकार अजीत सिन्हा पर दुर्गा पूजा विसर्जन के दौरान हमला हुआ, और हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग की गई।
डीजीपी ने सभी मामलों की निष्पक्ष जांच का आदेश दिया और कहा कि जांच पूरी होने तक किसी भी कार्रवाई पर रोक रहेगी। उन्होंने पत्रकार संगठनों को डिजिटल मीडिया के लिए कोड ऑफ कंडक्ट लागू करने की सलाह भी दी ताकि पत्रकारिता में पारदर्शिता बनी रहे।
मुलाकात में पत्रकार अजय पांडेय, पंकज सिंह, आकाश कुमार सोनी, सुशील अग्रवाल, मणि शंकर भगत, सुदीप सिंह, बबलू ठाकुर और डब्ल्यू मिश्रा भी उपस्थित रहे।



