रांची: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड विधानसभा में एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए आगामी बजट सत्र (18 फरवरी से 19 मार्च 2026) की तैयारियों को अंतिम रूप दिया। इस बैठक में न केवल राज्य के वित्तीय खाके पर चर्चा हुई, बल्कि मुख्यमंत्री ने हाल ही में दावोस (स्विट्जरलैंड) में आयोजित ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम’ (WEF) में अपनी भागीदारी के महत्वपूर्ण पहलुओं को भी साझा किया।
वैश्विक मंच पर झारखंड की गूंज
मुख्यमंत्री ने बताया कि दावोस में उन्होंने दुनिया भर के नीति निर्माताओं और बड़े औद्योगिक समूहों के साथ द्विपक्षीय बातचीत की है। इस वैश्विक चर्चा का उद्देश्य झारखंड में अंतरराष्ट्रीय निवेश के नए रास्ते खोलना है। सरकार की कोशिश है कि झारखंड की खनिज संपदा और औद्योगिक क्षमता का लाभ सीधे यहां के लोगों तक पहुंचे और राज्य एक आधुनिक औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरे।
ग्रामीण और महिला शक्ति पर जोर
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 2026 का बजट ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण के इर्द-गिर्द केंद्रित होगा। राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए गांवों को आत्मनिर्भर बनाना और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके साथ ही, आदिवासी कल्याण और स्कॉलरशिप योजनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा और विकास की रोशनी पहुंचे।
विपक्ष के सवालों पर पूर्ण तैयारी के निर्देश
बजट सत्र के सुचारु संचालन के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों ओर से आने वाले सवालों के लिए पूरी तरह तैयार रहें। उन्होंने कहा कि वित्त विभाग की भूमिका इस सत्र में सबसे महत्वपूर्ण है, इसलिए डेटा और योजनाओं की जानकारी में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। 24 फरवरी को सदन के पटल पर पेश होने वाले इस बजट से राज्यवासियों को बड़ी उम्मीदें हैं।
बैठक में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर और मुख्य सचिव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे, जिन्होंने बजट की रूपरेखा और विभागवार आवंटन पर अपनी रिपोर्ट पेश की।



