Patna News: एनडीए गठबंधन के प्रमुख घटक दल जनता दल (यू) में सीट बंटवारे और उम्मीदवार चयन को लेकर आंतरिक विवाद सामने आया है। भागलपुर से जदयू के सांसद अजय मंडल ने सीएम नीतीश कुमार को पत्र लिखकर अपने सांसद पद से इस्तीफा देने की अनुमति मांगी है।
मंडल ने पत्र में लिखा कि पिछले 20-25 वर्षों से वह भागलपुर क्षेत्र में विधायक और सांसद के रूप में जनता की सेवा कर रहे हैं और जदयू को परिवार की तरह मानकर संगठन और जनसंपर्क को मजबूत करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि हाल के महीनों में पार्टी में ऐसे फैसले लिए जा रहे हैं जो संगठन और उसके भविष्य के लिए सही संकेत नहीं हैं।
टिकट वितरण में अनदेखी का आरोप
अजय मंडल ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव में टिकट बांटने की प्रक्रिया में स्थानीय सांसद होने के बावजूद उनसे कोई सलाह या चर्चा नहीं हुई। उनके अनुसार कुछ ऐसे लोगों को उम्मीदवार बनाया जा रहा है, जिन्होंने कभी पार्टी संगठन के लिए काम नहीं किया। जिले के अध्यक्ष और स्थानीय नेतृत्व की राय को दरकिनार किया जा रहा है।
मंडल ने 2019 की विधानसभा उपचुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि जब पूरे बिहार में जदयू ने कई सीटों पर चुनाव लड़ा था, तब केवल उनके नेतृत्व में मिली सीट पर जीत मिली थी, जो जनता के विश्वास और उनकी पार्टी के प्रति निष्ठा का प्रतीक है।
आत्मसम्मान की बात उठाई
उन्होंने पत्र में लिखा कि उनसे मिलने का समय तक नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में जब समर्पित कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेतृत्व की राय का मूल्य खत्म हो गया है, तो उनके लिए सांसद पद पर बने रहना आत्मसम्मान के विरुद्ध है। उन्होंने नीतीश कुमार से आग्रह किया कि उन्हें सांसद पद से इस्तीफा देने की अनुमति दी जाए।
इस विवाद ने जदयू के अंदर टिकट वितरण पर छिपी असहमति को उजागर कर दिया है, जो चुनावी रणनीति पर असर डाल सकती है।



