World News: पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है। इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध अब एक निर्णायक और खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। जहां एक ओर ईरान ने अब तक 450 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें और 1000 ड्रोन इजराइल पर दागे हैं, वहीं दूसरी ओर इजराइल का अब तक अभेद्य माने जाने वाला आयरन डोम सिस्टम इन हमलों के सामने बेबस नजर आया है। ऐसे में अमेरिका ने इजराइल की रक्षा के लिए अपना सबसे उन्नत मिसाइल डिफेंस सिस्टम थॉड (THAAD) मैदान में उतार दिया है।
आयरन डोम क्यों हुआ फेल?
इजराइल का आयरन डोम अब तक सैकड़ों रॉकेट और मिसाइल हमलों को हवा में ही नष्ट कर चुका था, लेकिन ईरान द्वारा इस्तेमाल की जा रही नई हाइपरसोनिक और बैलिस्टिक मिसाइल तकनीक ने इसकी कमजोरियां उजागर कर दी हैं। विशेष रूप से तेल अवीव और हाइफा जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में मिसाइलें गिरने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। स्कूल, कॉलेज, ऑफिस और बाजार सब बंद हो चुके हैं, और लोग लगातार बंकरों में छिपने को मजबूर हैं।
अब मैदान में उतरा अमेरिका का थॉड सिस्टम
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अमेरिका ने थॉड (Terminal High Altitude Area Defense) मिसाइल सिस्टम की नई खेप इजराइल भेजी है। यह सिस्टम छोटी से लेकर मध्यम और मध्यवर्ती दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को ट्रैक कर हवा में ही नष्ट कर सकता है। इसकी रडार प्रणाली 2000 किमी से ज्यादा दूरी से मिसाइलों का पता लगा सकती है और 200 किमी से ज्यादा दूरी से आने वाली मिसाइलों को रोक सकती है। थॉड बैटरी में 6 ट्रक-माउंटेड लॉन्चर, 48 इंटरसेप्टर, एक रडार यूनिट और फायर कंट्रोल सिस्टम होता है। इसे संचालित करने के लिए 100 से अधिक सैनिकों की जरूरत होती है।
ट्रंप का बड़ा बयान: “इजराइल को रोकूंगा नहीं”
इस संकट की घड़ी में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान भी सुर्खियों में है। उन्होंने कहा, “चाहे कोई कितना भी दबाव डाले, मैं इजराइल को ईरान पर अटैक करने से नहीं रोकूंगा।” ट्रंप ने यूरोपीय देशों के कूटनीतिक प्रयासों को खारिज करते हुए कहा कि ईरान अब यूरोप की नहीं, सिर्फ अमेरिका की सुन रहा है। उनका यह बयान संकेत देता है कि अगर ईरान झुकता नहीं है तो अमेरिका जंग में खुलकर उतर सकता है।
बराक डिफेंस सिस्टम की भी एंट्री
इजराइल ने इस युद्ध में भारत के साथ मिलकर विकसित किए गए “बराक एयर डिफेंस सिस्टम” का भी पहली बार उपयोग किया है। बराक-8 मिसाइल सिस्टम, जिसे भारत में “मरसेम”, “अभ्रा” और “लरसेम” के नाम से जाना जाता है, सुपरसोनिक ड्रोन, गाइडेड हथियार और क्रूज मिसाइलों को भी नष्ट करने में सक्षम है। इसकी रेंज 70 से 110 किलोमीटर तक है और यह एक साथ कई लक्ष्यों को भेद सकता है। इजराइली सेना ने दावा किया कि बराक सिस्टम की मदद से कई यूएवी को मार गिराया गया।
इजराइल की जनता की त्रासदी
इस जंग का सबसे गहरा असर आम जनता पर हो रहा है। तेल अवीव के समुद्र किनारे जब लोग सुकून के पल बिता रहे थे, तभी सायरन बजा और भगदड़ मच गई। चंद मिनटों में मिसाइल आ गिरी और लोग जान बचाकर बंकरों में जा छिपे। स्थानीय नागरिकों ने बताया, “हर वक्त बूम-बूम की आवाजें सुनाई देती हैं, दिन-रात चैन नहीं है।”
क्या अमेरिका खुले तौर पर युद्ध में शामिल होगा?
आईडीएफ (Israeli Defence Force) ने हाल ही में बताया कि उन्होंने तेहरान और इस्फहान के आसपास ईरान की मिसाइल बेस और रडार सिस्टम पर हमले किए हैं। यह एक स्पष्ट संकेत है कि इजराइल अब रक्षात्मक नहीं बल्कि आक्रामक रणनीति अपना रहा है। ट्रंप प्रशासन ने ईरान को दो सप्ताह की चेतावनी दी है। यदि ईरान झुकता नहीं है, तो यह संभावना प्रबल हो गई है कि अमेरिका भी सीधे युद्ध में कूद सकता है।



