Tehran/Tel Aviv: पश्चिम एशिया की धरती इस समय आधुनिक इतिहास के सबसे भीषण और विनाशकारी युद्ध की गवाह बन रही है। इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच जारी सीधे संघर्ष ने अब ‘परमाणु प्रलय’ का खतरा पैदा कर दिया है। ईरान ने आधिकारिक तौर पर दावा किया है कि अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों ने उसकी अति-संवेदनशील नतांज न्यूक्लियर फैसिलिटी (Natanz Nuclear Facility) को निशाना बनाया है। यद्यपि संयुक्त राष्ट्र की परमाणु एजेंसी (IAEA) ने तत्काल किसी नुकसान के संकेत से इनकार किया है, लेकिन इस दावे ने वैश्विक स्तर पर हड़कंप मचा दिया है।

तेहरान और तेल अवीव में महातबाही

  • ईरान का पलटवार: ईरान ने इजरायल की व्यावसायिक राजधानी तेल अवीव पर क्लस्टर बमों, ड्रोनों और मिसाइलों की वर्षा कर दी है, जिससे शहर का बड़ा हिस्सा खंडहर में तब्दील हो गया है। यरूशलम और वेस्ट बैंक के आसमान में भी मिसाइलें देखी गईं, जिन्हें रोकने में इजरायली डिफेंस सिस्टम आंशिक रूप से नाकाम रहा।

  • इजरायल की कार्रवाई: जवाब में इजरायली फाइटर जेट्स ने तेहरान में ईरानी सरकारी टीवी (IRIB) के कार्यालय को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।

  • मौतों का आंकड़ा: पिछले 30 घंटों में ईरान पर 2000 से ज्यादा बम गिराए गए हैं, जिसमें 555 लोगों की मौत हो चुकी है। एक स्कूल पर मिसाइल गिरने से 180 छात्राओं की दर्दनाक मौत हो गई।

युद्ध का क्षेत्रीय विस्तार: 17 देश चपेट में— यह जंग अब इजरायल-ईरान तक सीमित नहीं है, मिडिल ईस्ट के 17 देश इसकी जद में आ चुके हैं:

  1. कुवैत: यहां अमेरिका के कई फाइटर जेट क्रैश हो गए। अमेरिकी सेना के मुताबिक, कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने गलती से अपने ही सहयोगी (अमेरिका) के विमानों को निशाना बना लिया।

  2. साइप्रस: ईरान ने साइप्रस स्थित ब्रिटिश रॉयल एयर फोर्स के अक्रोटिरी बेस पर ड्रोन हमला किया।

  3. सऊदी अरब: ड्रोन हमले के बाद सऊदी अरामको की रास तनूरा रिफाइनरी में आग लग गई, जिसे अस्थाई रूप से बंद करना पड़ा।

  4. कतर: मेसाईद एनर्जी प्लांट और रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी में कतर एनर्जी के ठिकानों पर मिसाइल हमले हुए।

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परमाणु सुरक्षा पर गहराता संकट— IAEA के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने सचेत किया है कि क्षेत्र में सैन्य तनाव बढ़ने से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के चालू परमाणु रिएक्टरों के साथ-साथ जॉर्डन और सीरिया में रिसर्च रिएक्टरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा पैदा हो गया है।

रणनीतिक बदलाव और आर्थिक प्रभाव

  • ईरान की नई लीडरशिप: हमलों में रक्षा मंत्री की मौत के बाद ईरानी राष्ट्रपति ने जनरल माजिद एब्नेलरेजा को कार्यवाहक रक्षा मंत्री नियुक्त किया है।

  • अमेरिकी तेल कंपनी: शेवरॉन ने इजरायल सरकार के निर्देश पर लेवियाथन गैस फील्ड में प्रोडक्शन रोक दिया है।

  • इजरायल की सफलता: इजरायल ने दावा किया है कि उसने ईरान के खुफिया मंत्रालय के दो शीर्ष अधिकारियों को एयर स्ट्राइक में मार गिराया है।

ईरान ने अमेरिका से किसी भी तरह की बातचीत की संभावना को खारिज कर दिया है, जिससे साफ़ है कि यह संघर्ष निकट भविष्य में थमने वाला नहीं है। दुनिया अब सांसे थामकर पश्चिम एशिया की ओर देख रही है, जहां एक छोटी सी चूक पूरी मानवता के लिए ‘परमाणु दुःस्वप्न’ बन सकती है।

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