रांची: राजधानी की सड़कों को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए रांची जिला प्रशासन अब पूरी तरह से एक्शन मोड में है। उपायुक्त (DC) मंजूनाथ भजन्त्री के कड़े निर्देश पर सोमवार को शहर के विभिन्न प्रवेश द्वारों और व्यस्त इलाकों में सघन वाहन जांच अभियान चलाया गया। जिला परिवहन पदाधिकारी के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई से नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों में हड़कंप मच गया।

इन इलाकों में हुई विशेष घेराबंदी

प्रशासन की टीम ने आज सुबह से ही तुपुदाना, दलादली, रातू, रिंग रोड और कांके जैसे प्रमुख क्षेत्रों में मोर्चा संभाल लिया था। ये वे इलाके हैं जहाँ भारी वाहनों (ट्रक-टिप्पर) के साथ-साथ यात्री बसों और निजी वाहनों का दबाव सबसे अधिक रहता है। अभियान का मुख्य उद्देश्य ओवरलोडिंग पर लगाम लगाना, प्रदूषण नियंत्रण और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना था।

जांच का दायरा और कार्रवाई

जांच के दौरान कुल 176 वाहनों के दस्तावेजों को खंगाला गया। अधिकारियों ने केवल हेलमेट या सीट बेल्ट ही नहीं, बल्कि भारी वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र, इंश्योरेंस, रोड टैक्स और प्रदूषण (PUC) की वैधता की भी बारीकी से पड़ताल की।

  • जुर्माना: नियमों की अनदेखी करने वाले 15 वाहनों पर विभिन्न धाराओं के तहत ₹ 3,61,751 का भारी जुर्माना लगाया गया।

  • जब्ती: कागजात में गंभीर गड़बड़ी पाए जाने पर 2 वाहनों को जब्त कर लिया गया है, जिनमें से एक को रातू थाना और दूसरे को कांके थाना की अभिरक्षा में रखा गया है।

डीसी की अपील: सुरक्षा आपकी, जिम्मेदारी हमारी

अभियान की सफलता पर उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि सड़कें साझा संपत्ति हैं और इनकी सुरक्षा हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य राँची की सड़कों को प्रदूषण मुक्त और सुरक्षित बनाना है। नियम तोड़ना न सिर्फ जेब पर भारी पड़ेगा, बल्कि यह जनहानि का कारण भी बनता है। यह अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेगा।”

प्रशासन ने सभी वाहन मालिकों से अपील की है कि वे ओवरलोडिंग से बचें और अपने ड्राइविंग लाइसेंस, बीमा व टैक्स जैसे जरूरी कागजात हमेशा अपडेट रखें।

Share.
Exit mobile version