नई दिल्ली | एजेंसी

विदेश में पढ़ाई करने का सपना हर युवा का होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस सपने को हकीकत में बदलने की वास्तविक कीमत क्या है? सोशल मीडिया पर अपनी आपबीती साझा करते हुए फ्रांस में पढ़ाई कर रही एक भारतीय छात्रा रैने ने इस हकीकत से पर्दा उठाया है। उनके मुताबिक, फ्रांस में शिक्षा पूरी करने के लिए उन्हें करीब 44 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च करनी पड़ी है, जिसके बाद इंटरनेट पर शिक्षा के बढ़ते खर्चों को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है।

खर्चों का पूरा गणित: वायरल वीडियो में रैने ने बताया कि इस पूरे बजट का सबसे बड़ा हिस्सा यूनिवर्सिटी की फीस है।

  • ट्यूशन फीस: तीन साल के कोर्स के लिए उन्होंने लगभग 32 लाख रुपये चुकाए।

  • बैंक बैलेंस की शर्त: फ्रांस का स्टूडेंट वीजा पाने के लिए खाते में 11 लाख रुपये की राशि दिखानी अनिवार्य थी। हालांकि यह पैसा सीधे खर्च नहीं होता, लेकिन इसे लंबे समय तक ब्लॉक रखना पड़ता है, जो मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए बड़ी चुनौती है।

  • वीजा और फ्लाइट: वीजा प्रक्रिया और हवाई टिकट पर करीब 60 हजार रुपये खर्च हुए।

  • फॉरेक्स कार्ड और डॉक्यूमेंट्स: शुरुआती खर्चों के लिए फॉरेक्स कार्ड में 80 हजार रुपये और दस्तावेजों के सत्यापन (Appostille) पर करीब 6 हजार रुपये का व्यय हुआ।

सोशल मीडिया पर बंटी राय — छात्रा का यह खुलासा होते ही नेटिज़न्स के बीच तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। जहां कुछ लोगों ने इसे करियर के लिए एक बेहतरीन ‘निवेश’ (Investment) बताया, वहीं कई यूजर्स ने इसे मध्यम वर्ग की पहुंच से बाहर और एक ‘वित्तीय बोझ’ करार दिया। कई लोगों ने यह सवाल भी उठाया कि क्या सही प्लानिंग और स्कॉलरशिप के जरिए इन खर्चों को कम किया जा सकता था?

बढ़ता रुझान और हकीकत — पिछले कुछ वर्षों में भारतीय छात्रों के बीच यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे देशों में जाने की होड़ बढ़ी है। लेकिन अब छात्र केवल चकाचौंध वाली लाइफस्टाइल ही नहीं, बल्कि खर्चों की वास्तविक तस्वीर भी साझा कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे वीडियो भविष्य में विदेश जाने वाले छात्रों को बेहतर आर्थिक योजना (Financial Planning) बनाने में मदद करते हैं।

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