विशाखापत्तनम | एजेंसी

आंध्र प्रदेश के औद्योगिक और तकनीकी विकास में आज एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को विशाखापत्तनम में ‘गूगल क्लाउड इंडिया एआई हब’ (Google Cloud AI Hub) की आधारशिला रखी। इस मेगा प्रोजेक्ट में गूगल करीब 15 अरब डॉलर (लगभग 1.25 लाख करोड़ रुपये) का निवेश करने जा रहा है, जो भारत के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) है।

भूमि पूजन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने इस परियोजना को विशाखापत्तनम और पूरे आंध्र प्रदेश के लिए ‘गेम चेंजर’ बताया। उन्होंने प्रोजेक्ट के साझेदारों—अदाणीकनेक्स और एयरटेल नेक्सट्रा—से आग्रह किया कि इस केंद्र का निर्माण सितंबर 2028 तक पूरा कर लिया जाए। नायडू ने चुटकी लेते हुए कहा, “वैसे तो हर कोई गूगल पर सर्च करता है, लेकिन इस बार गूगल ने सर्च किया और आंध्र प्रदेश को चुना।” उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह केंद्र एशिया का सबसे बड़ा डेटा सेंटर होगा और आंध्र प्रदेश देश के लिए ‘एआई डेटा गेटवे’ के रूप में उभरेगा।

मुख्यमंत्री ने 30 साल पहले साइबराबाद (हैदराबाद) की नींव रखने के अपने अनुभव को याद करते हुए कहा कि जिस तरह वह क्षेत्र आज वेल्थ क्रिएशन का केंद्र है, वैसे ही विशाखापत्तनम भी भविष्य की तकनीक का हब बनेगा। उन्होंने शहर में संसाधनों की उपलब्धता का आश्वासन देते हुए 60 दिनों के भीतर गोदावरी नदी से पानी लाने का वादा भी किया।

समारोह में मौजूद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत अब तकनीकी विकास में पिछड़ने वाला नहीं, बल्कि नेतृत्व करने वाला देश बन गया है। उन्होंने बताया कि ‘मेक इन इंडिया’ की सफलता का नतीजा है कि आज मोबाइल फोन देश का सबसे बड़ा निर्यात उत्पाद बन गया है। वैष्णव के अनुसार, आज की भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच दुनिया भारत को एक विश्वसनीय साझेदार के रूप में देख रही है, जहां डेटा सुरक्षा और आईटी अधिकारों की रक्षा की गारंटी है।

एशिया का सबसे बड़ा डेटा सेंटर: एक नजर में

गूगल का यह निवेश विशाखापत्तनम को वैश्विक आईटी मानचित्र पर मजबूती से स्थापित कर देगा। यह केंद्र न केवल हजारों रोजगार पैदा करेगा, बल्कि सरकारी कामकाज में एआई (AI) के इस्तेमाल से ‘शासन की गति’ को भी बढ़ाएगा। अदाणीकनेक्स और एयरटेल नेक्सट्रा जैसी कंपनियों की साझेदारी इस प्रोजेक्ट को बुनियादी ढांचे के स्तर पर भी विश्वस्तरीय बनाएगी।

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