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India News: दिल्ली के इंडिया गेट पर वायु प्रदूषण के मुद्दे पर हो रहे शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का माहौल अचानक बेकाबू हो गया, जब भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने पुलिस पर पेपर स्प्रे फेंकना शुरू कर दिया। इसके बाद हालात इतने बिगड़े कि पुलिस को मौके से कुल 22 लोगों को हिरासत में लेना पड़ा। मंगलवार को इन्हीं में से 17 लोगों को पटियाला हाउस कोर्ट ने तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इनमें 11 महिलाएं भी शामिल हैं। पांच अन्य को दो दिन की न्यायिक हिरासत दी गई है।
वकीलों ने जताई नाराजगी
आरोपियों की वकील ने अदालत में बताया कि प्रदर्शनकारियों की हालत बेहद खराब थी। कई महिलाएं चोटिल थीं, उनके कपड़े फट चुके थे और वकीलों को भी उनसे मिलने नहीं दिया गया। उनका कहना था कि पुलिस यह स्पष्ट नहीं कर रही कि उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया था या सिर्फ हिरासत में रखा गया था। कोर्ट में यह भी कहा गया कि गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी तक ठीक से नहीं दी गई, जो कानून के अनुसार जरूरी है।
पेपर स्प्रे फेंके जाने से भड़की स्थिति
पुलिस ने बताया कि भीड़ को बार-बार हटने को कहा गया, क्योंकि आपातकालीन वाहन रास्ते में फंसे थे। लेकिन प्रदर्शनकारियों के न हटने पर हालात तनावपूर्ण हो गए और कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों पर पेपर स्प्रे फेंकना शुरू कर दिया। पुलिस ने इसे “असामान्य और चिंताजनक” बताया।
इस दौरान, कुछ प्रदर्शनकारियों पर माओवादी नेता मादवी हिडमा के समर्थन में नारे लगाने का भी आरोप लगा है। हिडमा हाल ही में आंध्रप्रदेश में एनकाउंटर में मारा गया था, और पुलिस का कहना है कि इस नारेबाजी ने भी स्थिति को और संवेदनशील बना दिया।
एक आरोपी की उम्र की जांच जारी
कोर्ट ने एक आरोपी की उम्र पर संदेह जताया और उसे उम्र सत्यापन तक पर्यवेक्षण गृह भेज दिया है। सभी आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में FIR दर्ज की जा चुकी है और जांच आगे बढ़ रही है। इंडिया गेट का यह पेपर स्प्रे विवाद अब राजधानी में कानून-व्यवस्था और प्रदर्शन प्रबंधन पर नई बहस छेड़ रहा है।

