रांची : झारखंड में नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही आयकर विभाग (Income Tax) ने अपनी पहली बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। गुरुवार सुबह आयकर विभाग की अनुसंधान शाखा ने राजधानी रांची समेत राज्य के कई प्रमुख जिलों में एक साथ दबिश दी। यह छापेमारी बाबा राइस मिल ग्रुप और उससे जुड़े व्यापारिक सहयोगियों के ठिकानों पर की जा रही है।
एक साथ 15 ठिकानों पर धावा
सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग की अलग-अलग टीमें रांची के कांके रोड, रातू रोड और पिस्का नगड़ी स्थित राइस और आटा मिल के प्लांट पर दस्तावेजों की गहन जांच कर रही हैं। यह कार्रवाई केवल रांची तक ही सीमित नहीं है; विभाग ने जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित सर्किट हाउस एरिया और हजारीबाग में भी छापेमारी की है। जमशेदपुर में कारोबारी मनोज चौधरी के आवास पर भी विभाग की टीम सुबह से डटी हुई है। इसके अलावा बिहार के भी कुछ जिलों में इस कार्रवाई के तार जुड़े होने की सूचना है।
टैक्स चोरी और वित्तीय हेराफेरी का शक
आयकर विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि बाबा राइस मिल ग्रुप के संचालक अपनी वास्तविक आय को छिपाकर बड़े पैमाने पर टैक्स की चोरी कर रहे हैं। इसी इनपुट के आधार पर टीम ने मिल के संचालन, स्टॉक रजिस्टर, बैंक ट्रांजेक्शन और डिजिटल वित्तीय रिकॉर्ड को कब्जे में ले लिया है। टीम सभी कैश ट्रांजेक्शन और पुराने बिलों को खंगाल रही है ताकि आय और व्यय के बीच के अंतर को स्पष्ट किया जा सके।
सुरक्षा का कड़ा घेरा
छापेमारी के दौरान सभी परिसरों को सुरक्षा बलों ने घेर लिया है और किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। स्थानीय पुलिस को भी इस कार्रवाई की भनक तब लगी जब टीमें मौके पर पहुँच गईं। विभागीय सूत्रों का मानना है कि इस जांच में कई अघोषित संपत्तियों और संदिग्ध निवेशों का खुलासा हो सकता है। फिलहाल, विभाग की ओर से आधिकारिक पुष्टि और जब्त किए गए सामानों की सूची जांच पूरी होने के बाद ही साझा की जाएगी।



