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रांची: अगर आप रांची की सड़कों पर बिना जरूरी कागजात या टैक्स जमा किए वाहन दौड़ा रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। उपायुक्त (DC) सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री के कड़े निर्देश पर शनिवार को रांची के विभिन्न इलाकों में बड़े पैमाने पर वाहन जांच अभियान चलाया गया। इस अभियान ने उन वाहन चालकों की नींद उड़ा दी है जो नियमों को ताक पर रखकर सड़कों पर निकल रहे थे।
167 वाहनों की कुंडली खंगाली गई
जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) अखिलेश कुमार के नेतृत्व में चली इस कार्रवाई का केंद्र मुख्य रूप से कांके रोड, रिंग रोड, मेसरा, ओरमांझी और तुपुदाना जैसे इलाके रहे। जांच दल ने एक-एक कर कुल 167 वाहनों को रोका और उनके दस्तावेजों की विस्तृत पड़ताल की। जांच के दायरे में न केवल ड्राइविंग लाइसेंस और हेलमेट थे, बल्कि वाहनों का रोड टैक्स, फिटनेस सर्टिफिकेट, इंश्योरेंस, प्रदूषण सर्टिफिकेट (PUC), परमिट और ओवरलोडिंग जैसे गंभीर तकनीकी पहलुओं की भी गहनता से जांच की गई।
जुर्माने की भारी मार और जप्ती की कार्रवाई
प्रशासन की इस ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ में भारी खामियां उजागर हुईं। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले 8 वाहनों पर कुल 2,03,000 रुपये का भारी जुर्माना लगाया गया। सिर्फ जुर्माना ही नहीं, बल्कि लापरवाही की हद पार करने वाले 7 वाहनों को मौके पर ही जप्त कर लिया गया। इनमें से 4 वाहनों को ओरमांझी थाना और 3 वाहनों को मेसरा ओपी (आउटपोस्ट) की कस्टडी में भेज दिया गया है।
टैक्स फेल गाड़ियों पर ‘स्पेशल फोकस’
DTO अखिलेश कुमार ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की विशेष नजर उन गाड़ियों पर है जिनका रोड टैक्स लंबे समय से बकाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में यह अभियान और भी तेज होगा। उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने भी जिले के सभी वाहन मालिकों से भावुक अपील करते हुए कहा है कि वे अपने वाहनों के कागजात अपडेट रखें। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि सड़क सुरक्षा और यातायात अनुशासन से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यदि आपके पास भी वाहन है, तो घर से निकलने से पहले इंश्योरेंस और फिटनेस की तारीख जरूर चेक कर लें, क्योंकि रांची प्रशासन अब किसी भी चूक को बख्शने के मूड में नहीं है।

