गुमला: उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित की पहल, सतत निगरानी और वरीय व जिला स्तरीय अधिकारियों के नियमित निरीक्षण के परिणामस्वरूप सदर अस्पताल, गुमला में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है। अस्पताल में आधारभूत संरचना, तकनीकी सुविधाएं, स्वच्छता, सुरक्षा और मरीजों की सुविधा को केंद्र में रखकर कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिससे आम नागरिकों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं।

सदर अस्पताल में टेली-मेडिसिन सुविधा को प्रभावी रूप से लागू किया गया है। इसके तहत रिम्स, रांची के विशेषज्ञ चिकित्सकों से ऑनलाइन माध्यम से सीधा संपर्क स्थापित किया गया है। आईसीयू में भर्ती गंभीर मरीजों की प्रतिदिन सुबह 10 से 12 बजे तक विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा रही है, जिससे समय पर परामर्श और बेहतर उपचार संभव हो सका है। आईसीयू में आंशिक री-मॉडलिंग, संक्रमण नियंत्रण और मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण का भी कार्य किया गया है।

आपातकालीन विभाग में मरम्मत के साथ मरीजों की गोपनीयता के लिए रूफ कर्टेन लगाए गए हैं। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का असर एमटीसी में 80 प्रतिशत से अधिक बेड ऑक्यूपेंसी से स्पष्ट है। बाल रोग ओपीडी के सामने ‘मुस्कान’ कार्यक्रम के तहत बच्चों के लिए प्ले एरिया विकसित किया गया है।

स्वच्छता और सुरक्षा के तहत वेस्ट वॉटर ट्रीटमेंट, नियमित कचरा उठाव और 54 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। ओपीडी में टोकन आधारित पंजीकरण, कियोस्क मशीन और डिजिटल डिस्प्ले से मरीजों को बड़ी राहत मिली है। सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी ने बताया कि प्रतिदिन 800–900 मरीजों को निःशुल्क जांच और 608 प्रकार की दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सदर अस्पताल को मॉडल अस्पताल के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य लगातार जारी है।

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