Bihar News: बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा शनिवार को मिशन कर्मयोगी के तहत एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला राज्य भर के विभिन्न विभागों से नामित नोडल अधिकारियों के लिए थी। कार्यक्रम का उद्देश्य iGOT (Integrated Government Online Training) प्लेटफॉर्म की कार्यप्रणाली, उपयोगिता और प्रशिक्षण प्रक्रिया की गहराई से जानकारी देना था।

इस अवसर पर मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मिशन कर्मयोगी और iGOT प्लेटफॉर्म बिहार में प्रशासन को उत्तरदायी, पारदर्शी और नवाचार युक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि यह प्लेटफॉर्म प्रत्येक सरकारी कर्मचारी को बदलते प्रशासनिक परिदृश्य के अनुसार खुद को समय-समय पर अपडेट करने का अवसर देता है।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों से अपील की कि वे इस प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और अपने विभाग के अन्य कर्मचारियों को भी प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि यह केवल एक प्रशिक्षण कार्यशाला नहीं, बल्कि नेतृत्व निर्माण और सहभागिता को प्रोत्साहित करने वाली पहल है।

अपर मुख्य सचिव डॉबी राजेन्दर ने iGOT प्लेटफॉर्म की तकनीकी क्षमताओं की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रणाली सरकारी सेवा को व्यक्ति-केंद्रित और दक्षता-आधारित बनाएगी। उन्होंने बताया कि iGOT के माध्यम से हर कर्मचारी को उनकी ज़रूरत और पदानुसार प्रशिक्षण मिलेगा जिससे शासन व्यवस्था में गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सकेगी।

कार्यशाला के अंत में उपस्थित नोडल अधिकारियों ने अपनी प्रतिक्रियाएं साझा करते हुए बताया कि यह कार्यक्रम न केवल iGOT पोर्टल के उपयोग को समझने में मददगार रहा बल्कि इससे सीखने की रणनीति, पाठ्यक्रम की संरचना और व्यक्तिगत विकास को भी दिशा मिली है।

उल्लेखनीय है कि iGOT मिशन कर्मयोगी भारत सरकार की प्रमुख डिजिटल पहल है, जिसका उद्देश्य सभी सरकारी कर्मचारियों को डिजिटल माध्यम से नवीनतम प्रशासनिक क्षमताओं और विषय आधारित प्रशिक्षण से जोड़ना है। यह पहल उन्हें बेहतर निर्णय लेने, नीतियों को लागू करने और नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं देने में सहायक बनाती है।

Share.
Exit mobile version