Ranchi News : मौलाना आजाद लाइब्रेरी एंड कोचिंग सेंटर के संयोजक मो. लतीफ आलम ने 31 जुलाई 2025 को अपने कार्यकाल का विस्तृत ब्यौरा जारी किया। स्टडी सेंटर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बताया कि 2023 से 2025 के अपने ढाई साल के कार्यकाल में उन्होंने बेहद कम संसाधनों में उत्कृष्ट काम किया है।
सरकारी नौकरियों में मिली बड़ी सफलता
लतीफ आलम ने बताया कि इस अवधि में कोचिंग सेंटर से पढ़कर 50 से अधिक छात्र-छात्राएं विभिन्न सरकारी विभागों में चयनित हुए हैं। इनमें शामिल हैं –
- PGT शिक्षक – 4 छात्र
- झारखंड ग्रामीण पुलिस – 2 छात्र
- स्ट्रीट लाइट इंस्पेक्टर – 1 छात्र
- इनकम टैक्स विभाग – 1 छात्र
- ITI इंस्ट्रक्टर – 2 छात्र
- UG NET – 3 छात्र
- JEE मेन्स – 1 छात्र
- BPSC शिक्षक – 1 छात्र
- सहायक आचार्य शिक्षक – 24 छात्र
- CGL (कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल) – 12 छात्र
इसके अलावा मैट्रिक क्रैश कोर्स में 100% सफलता दर दर्ज की गई है। वर्तमान में लाइब्रेरी में 300 से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं।
बजट की कमी रही सबसे बड़ी चुनौती
संयोजक लतीफ आलम ने बताया कि उन्हें सालाना करीब 5 लाख रुपये की आवश्यकता थी, जिससे वे JPSC और UPSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी छात्रों को सक्षम बना सकते थे। लेकिन, उन्हें न तो कोई वित्तीय मदद मिली और न ही विभिन्न कक्षाओं के लिए आवश्यक संसाधन। लतीफ आलम ने कहा “अगर अंजुमन इस्लामिया से बजट मिलता तो हम और बेहतर कर सकते थे। कंप्यूटर क्लास शुरू करने के लिए कई बार कंप्यूटर की मांग की, लेकिन आज तक नहीं मिला। वित्तीय सहायता की कमी के कारण बहुत से महत्वपूर्ण काम पूरे नहीं कर पाए, जिसका मुझे और मेरी टीम को बेहद खेद है।”
सोसाइटी और अंजुमन का आभार
उन्होंने यह भी कहा कि सोसाइटी, संस्था, अंजुमन, मदरसा और मस्जिद कमेटी के लोगों ने उन पर भरोसा जताया था और अंजुमन इस्लामिया ने जो जिम्मेदारी दी, उसे उन्होंने पूरी निष्ठा से निभाने का प्रयास किया। कम संसाधन में बिना शिकवा-शिकायत के गरीब बच्चों को उनकी मंजिल तक पहंचाया। सफल बच्चे जब अंजुमन आकर मिली सुविधा के प्रति आभार जताया तो ऐसा लगा छोटी सी ही सही लकीर तो हमने भी खींच दी। यदि अंजुमन के वरीय पदधारी इच्छानुसार बजट आबंटन करते तो परिणाम और बेहतर हो सकते थे।
रिपोर्ट पहले भी दी गई
उन्होंने बताया इससे पहले भी वे अपनी रिपोर्ट अध्यक्ष और सचिव को सौंपी चुके हैं। रिपोर्ट को लेकर जिनको भी कोई आपत्ति हो या अन्य कुछ जानना चाहते हों तो वे उनसे संपर्क कर सकते हैं। लतीफ आलम ने कहा समुदाय के बच्चे मानसिक रूप से काफी दक्ष और तेज हैं। उन्हें बेहतर मार्गदर्शन और सुविधाएं मिलेंगी तो वे शैक्षणिक रूप से काफी आगे निकल सकते हैं। मैंने अपने कार्यकाल में उनको मेहनत और अध्ययन करते काफी करीब से देखा है। आवाम से गुजारिश है मेरे बाद जो भी इस ओहदे में आएं इन बच्चों का विशेष ध्यान रखें और उन्हें शैक्षणिक रूप से अग्रसर करने के लिए हर सुविधाएं उपलब्ध कराएं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके साथ अफजल खान, अरशद जिया, अतिकूर रहमान और काशिफ़ रजा मौजूद थे।



