Jharkhand News: मानव तस्करी की शिकार सात नाबालिग एवं तीन बालिग पीड़िताओं को जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन की टीम ने दिल्ली, गुड़गांव,पंजाब सहित कई राज्यों से रेस्क्यू किया है। रेस्क्यू किये गए सात नाबालिग एवं दो बालिग पीड़िताओं को गुरुवार को टीम दिल्ली से रांची लेकर पहुंची।

इसके बाद उन्हें खूंटी लाया गया। यह जानकारी एसपी अमन कुमार ने दी। उन्होंने बताया कि दिल्ली सहित कई राज्यों में मानव तस्करों द्वारा कई नाबालिग एवं बालिग पीड़िताओं को बेचने की शिकायत मिली थी। इसके बाद उपायुक्त लोकेश मिश्रा के निर्देश पर जिला एवं पुलिस प्रशासन की एक टीम बनाई गई, जिसमें दिल्ली, गुड़गांव, पंजाब, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में अभियान चलाकर सात नाबालिग एवं 3 बालिग को रेस्क्यू किया, जिसके बाद सात नाबालिग एवं 2 बालिग को खूंटी लाया गया।

उन्होंने बताया कि एक महिला शादीशुदा एवं दो बच्चों की मां है जो आने से इंकार कर दी। एसपी ने बताया कि मानव तस्करी की शिकार सात नाबालिग बच्चियों एवं पीड़िताओं में एक नाबालिग मारंगहादा थाना क्षेत्र की रहने वाली है जो बीस दिन पहले दिल्ली गयी थी। जिसे गुड़गांव में घरेलु काम में लगाया गया था।

दूसरी बच्ची खूंटी थाना क्षेत्र की रहने वाली है जो करीब चार महिने पूर्व दिल्ली से हरिद्वार ले जाया गया था, जहां उसने एक महीना घरेलू काम किया था।

तीसरी नाबालिग अड़की थाना क्षेत्र की रहने वाली है जो बीस दिन पहले दिल्ली गयी थी। जिसे नोयडा में घरेलू काम में लगाया गया था।

चौथी बच्ची जारियागढ़ थाना क्षेत्र की रहने वाली है, जिसे डेढ़ महीने पूर्व दिल्ली ले जाया गया था। जिसे पानीपत में घरेलू काम में लगाया गया था।

पांचवीं बच्ची कर्रा थाना क्षेत्र की रहने वाली है, जिसे दो वर्ष पूर्व दिल्ली ले जाकर कोठी में काम पर लगाया गया था, जिसे वर्तमान में सीडब्ल्यूसी मयूर बिहार दिल्ली में रखा गया है।

छठवीं नाबालिग सरायकेला खरसावां जिला क्षेत्र की रहने वाली जिसे एक वर्ष पूर्व दिल्ली में घरेलू काम में लगाया गया था।

सातवीं नाबालिग गिरिडीह जिला क्षेत्र की रहने वाली जिसे छह महीना पूर्व दिल्ली ले जाकर घरेलू काम पर लगाया गया था। जिसका रेस्क्यू किया गया।

अभियान के क्रम में मानव तस्करी की शिकार तीन बालिग पीड़िताओं को भी रेस्क्यू किया गया। जिन बालिग पीड़िताओं को रेस्क्यू किया गया है, उसमें शामिल रनिया के कानाटोली जयपुर निवासी फुलमनी कंडुलना शामिल है। जिसे 27 वर्ष पूर्व बहला फुसलाकर दिल्ली ले जाया गया था।जहां उसने पश्चिमि बिहार दिल्ली में करीब 24-25 वर्ष काम की तथा डेढ़ वर्ष गुड़गांव में घरेलू काम की जिसे वहां से रेस्क्यू कर खूंटी लाया गया।

टीम ने हरिजन टोली तोरपा की बालिग पीड़िता रीता कुमारी को भी दिल्ली के एक घर से रेस्क्यू किया गया। तीसरी पीड़िता सलेयानी डांग है, जिसे 13 वर्ष पहले मानव तस्करों ने बेच दिया था। उसे बिरौंदी चक्रसेनपुर गौतमबुद्ध नगर उत्तर बिरौंदी चक्रसेनपुर गौतमबुद्ध नगर उत्तर प्रदेश से रेस्क्यू किया गया। जिसने रेस्क्यू टीम के साथ आने से इंकार कर दिया। वर्तमान समय में वह शादी कर दो बच्चों की मां है एवं अपने पति और बच्चों के साथ रहती है। रेस्क्यू टीम में महिला सह एएचटीयू थाना प्रभारी फूलमनी टोप्पो, बाल संरक्षण पदाधिकारी अल्ताफ खान, सअनि रमजानुल हक तथा आरक्षी प्रिया कुमारी शामिल थे।

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