Jharkhand News: हिंदी साहित्य और भारतीय ज्ञान परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से हिंदी साहित्य भारती, झारखंड प्रदेश इकाई और केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा संयुक्त रूप से एक भव्य गोष्ठी का आयोजन कर रहे हैं। यह 27 जुलाई 2025 (रविवार) को रांची के पुराना विधानसभा सभागार, सेक्टर-2 में आयोजित होगी। इस एक दिवसीय गोष्ठी का विषय होगा “भारतीय ज्ञान परंपरा और हम”।

इस महत्वपूर्ण साहित्यिक कार्यक्रम में झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास मंत्री श्रीमती दीपिका पांडे सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। उन्होंने 18 जुलाई को रांची स्थित अपने आवास पर कार्यक्रम संयोजक श्री अजय राय से मुलाकात के दौरान इसमें शिरकत करने की स्वीकृति दी।

दीपिका पांडे सिंह का संदेश

गोष्ठी में अपनी उपस्थिति की पुष्टि करते हुए उन्होंने कहा:
“हिंदी साहित्य की समकालीन प्रासंगिकता और भविष्य पर केंद्रित इस पहल के लिए हार्दिक शुभकामनाएं। ऐसे प्रयास हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और नई पीढ़ी को भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं।”

क्या होगा गोष्ठी में?

इस आयोजन में झारखंड ही नहीं, बल्कि देशभर के साहित्यकार, शिक्षाविद, चिंतक, मीडिया प्रतिनिधि और छात्र-छात्राएं भाग लेंगे।
गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य है:

  • हिंदी भाषा और साहित्य की सामाजिक भूमिका पर विमर्श

  • भारतीय ज्ञान परंपरा की वर्तमान में प्रासंगिकता की पड़ताल

  • युवाओं में वैचारिक जागरूकता और सांस्कृतिक जुड़ाव का विस्तार

यह मंच विभिन्न विचारधाराओं के साहित्यकारों और युवा प्रतिभाओं को जोड़ने का अवसर देगा, जहां नए विचारों पर खुली चर्चा होगी।

क्यों खास है यह आयोजन?

विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बदलते समय में साहित्य को समाज से जोड़ना और पारंपरिक ज्ञान की समझ को नई पीढ़ी तक पहुंचाना बेहद जरूरी है। ऐसे आयोजनों से हिंदी साहित्य को नई ऊर्जा मिलती है और युवाओं में इसके प्रति रुचि बढ़ती है।

हिंदी साहित्य भारती और केंद्रीय हिंदी संस्थान की यह पहल न केवल साहित्यकारों के लिए मंच प्रदान करेगी, बल्कि यह संवाद का माध्यम बनेगी कि कैसे भारतीय ज्ञान परंपरा आज भी प्रासंगिक है।

सांस्कृतिक धरोहर को जोड़ने का प्रयास

कार्यक्रम संयोजक अजय राय का कहना है कि यह आयोजन युवाओं में हिंदी साहित्य के प्रति नई उत्सुकता पैदा करेगा। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं के लिए विशेष इंटरएक्टिव सेशन होंगे ताकि वे भारतीय ज्ञान परंपरा की गहराई को समझ सकें।

झारखंड बनेगा साहित्यिक गतिविधियों का केंद्र

रांची में आयोजित होने जा रही यह गोष्ठी राज्य को एक साहित्यिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आयोजक उम्मीद कर रहे हैं कि इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी और विद्यार्थी शामिल होंगे, जिससे यह साहित्यिक संगोष्ठी एक ऐतिहासिक अवसर साबित हो।

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