Ranchi : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्पष्ट किया है कि उनकी सरकार राज्य के हर नागरिक की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और यह किसी एक धर्म विशेष तक सीमित नहीं है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि उनकी राजनीति केवल झूठे आरोप, भ्रम और धार्मिक ध्रुवीकरण के सहारे जनता को गुमराह करने पर आधारित है। हेमंत सरकार का मानना है कि राज्य की अस्मिता और सामाजिक ताने-बाने को सबसे अधिक नुकसान इसी तरह की राजनीति ने पहुंचाया है।
हाल ही में सिमडेगा में चर्च की सुरक्षा को लेकर हुई प्रशासनिक बैठक को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पूरी तरह कानूनी और शांति-सुव्यवस्था का मामला है, न कि किसी धर्म विशेष के पक्ष में उठाया गया कदम। हेमंत सोरेन ने लोगों को याद दिलाया कि “एकता राज्य के लोगों का सबसे बड़ा हथियार है, जिसे न तो विभाजित किया जा सकता है और न ही चुप कराया जा सकता है।” उनके नेतृत्व में झारखंड में विभिन्न धर्मों और धार्मिक समूहों के बीच आपसी समझ, सम्मान और सहनशीलता कायम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हेमंत सरकार हमेशा सभी धार्मिक स्थलों सरना स्थलों, मंदिरों, मस्जिदों और गुरुद्वारों की सुरक्षा सुनिश्चित करती रही है। जब भी कहीं तनाव या विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई, प्रशासन ने तुरंत हस्तक्षेप कर शांति स्थापित की। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका एकमात्र एजेंडा झूठ और भय फैलाकर वोट बटोरना है, जबकि हेमंत सरकार लगातार सामाजिक सौहार्द और विकास की दिशा में काम कर रही है।
हेमंत सरकार ने यह भी सवाल उठाया कि भाजपा के शासनकाल में कितने धार्मिक स्थल सुरक्षित थे और कितनी घटनाओं में दोषियों पर कार्रवाई हुई। उन्होंने कहा कि झारखंड की धरती विविधता में एकता का प्रतीक है और यहां के नागरिकों की अस्मिता और अधिकार सर्वोपरि हैं। राज्य सरकार इसी दृष्टिकोण के साथ सभी धर्मों और समुदायों के बीच शांति और सामंजस्य बनाए रखने के लिए काम कर रही है।
राज्य में लगातार दूसरी बार प्रचंड बहुमत से मुख्यमंत्री बने हेमंत सोरेन ने विश्वास जताया कि उनका नेतृत्व झारखंड में धार्मिक सद्भाव और सामाजिक समरसता की मजबूत नींव बनाए रखेगा और भाजपा की विभाजनकारी राजनीति को धराशायी कर देगा।



