Bihar News: बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने मधुबनी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा के दौरान अपने संबोधन में इशारों ही इशारों में एक बड़ा राजनीतिक बयान दिया। नीतीश कुमार ने मंच पर इशारा करते हुए बिना किसी का नाम लिए कहा कि उनकी पार्टी के एक नेता ने कुछ गड़बड़ी की, जिसकी वजह से बीजेपी के साथ गठबंधन टूट गया और वे महागठबंधन में शामिल हो गए थे। इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या नीतीश कुमार का इशारा अपने ही पार्टी के वरिष्ठ नेता ललन सिंह की तरफ था, जिन्होंने 2022 में बीजेपी के साथ गठबंधन तोड़ा था।

दरअसल सीएम नीतीश कुमार ने इशारा करते हुए मंच से कहा था, कि हम लोग तो हमेशा एक साथ रहे हैं लेकिन बीच में कुछ गड़बड़ कर दिया हमारे पार्टी वाले और यहीं पर वह बैठे हैं। अब उन्हीं से पूछिए… बाद में उन्हीं को लगा है कि वह लोग गड़बड़ हैं और हम लोग उन्हें छोड़ दिए… अब हम कभी उन लोगों के साथ नहीं जा सकते हैं।

उनका यह बयान ऐसे समय में आया जब उन्होंने सीधे तौर पर पार्टी के किसी नेता का नाम तो नहीं लिया, लेकिन उनके बयान से यह साफ संकेत मिल रहे थे कि उनका इशारा ललन सिंह की ओर था, जो 2022 में जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे और उन्हीं की अध्यक्षता में बीजेपी से गठबंधन टूटा था।

गौरतलब है कि 2022 में नीतीश कुमार ने बीजेपी के साथ अपना गठबंधन तोड़ते हुए महागठबंधन में शामिल होने का फैसला लिया था। उस वक्त ललन सिंह ही जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। ललन सिंह का राजनीतिक प्रभाव जेडीयू में बहुत मजबूत था और उनके नेतृत्व में पार्टी ने कई अहम फैसले लिए थे। 2023 में ललन सिंह ने जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद नीतीश कुमार को ही पार्टी का नेतृत्व संभालना पड़ा। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस सियासी बयान का असर बिहार की राजनीति पर क्या पड़ता है और क्या नीतीश कुमार और ललन सिंह के बीच कोई अंदरुनी मतभेद बढ़ेंगे।

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