Health: घर में नन्हें मेहमान के आते ही खुशियों का ठिकाना नहीं रहता। माता-पिता और रिश्तेदार बच्चे के लिए महंगे खिलौने, रंग-बिरंगे टीथर और वॉकर लाने की होड़ में लग जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जाने-अनजाने में आपके द्वारा खरीदे गए ये उत्पाद बच्चे की सेहत के लिए मुसीबत बन सकते हैं? विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ प्रचलित चाइल्ड प्रोडक्ट्स बच्चों के शारीरिक विकास और स्वास्थ्य में हां की जगह बाधा उत्पन्न कर रहे हैं।

संक्रमण का घर है ‘टीथर’

बच्चे जब दांत निकलने की प्रक्रिया में होते हैं, तो उन्हें टीथर दिए जाते हैं। रंग-बिरंगे होने के कारण बच्चे इन्हें बहुत पसंद करते हैं और हर समय मुंह में डाले रहते हैं। लेकिन लोग अक्सर इस बात को नजरअंदाज कर देते हैं कि इन पर धूल, मिट्टी और कीटाणु जमा हो जाते हैं। बड़ों के हाथ लगने से भी इन पर संक्रमण फैलता है। साफ-सफाई की कमी से बच्चे को उल्टी, पेट दर्द और दस्त (डायरिया) जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

वॉकर: फायदे से ज्यादा नुकसान

ज्यादातर लोग सोचते हैं कि वॉकर से बच्चा जल्दी चलना सीख जाएगा, लेकिन शोध कुछ और ही कहते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार, वॉकर के इस्तेमाल से बच्चे का प्राकृतिक बैलेंस (संतुलन) बिगड़ जाता है। बच्चा खुद का भार संभालने की जगह वॉकर पर निर्भर हो जाता है, जिससे वह जमीन पर पांव रखने में डरने लगता है। यह मांसपेशियों के स्वाभाविक विकास में भी रुकावट डाल सकता है।

दूध की बोतल और गैस की समस्या

कामकाजी माताएं अक्सर बच्चे को बोतल से दूध पिलाती हैं। बोतल से दूध पीते समय बच्चा काफी मात्रा में हवा भी अंदर खींच लेता है, जिससे उसे पेट में गैस और दर्द की शिकायत होने लगती है। यदि बोतल का इस्तेमाल अनिवार्य है, तो इसकी सफाई में कोई कोताही न बरतें। दूध पिलाने से पहले बोतल को अच्छी तरह उबालना हुं की तरह जरूरी है ताकि कीटाणुओं का सफाया हो सके।

याद रखें, बच्चे की सुरक्षा केवल महंगे उत्पादों में नहीं, बल्कि सही चुनाव और सावधानी में छिपी है। छोटे बच्चों के मामले में सुरक्षा को लेकर की गई एक छोटी सी चूक भी भारी पड़ सकती है।

Share.
Exit mobile version