India News: मुंबई के समंदर पर कभी राज करने वाले अंडरवर्ल्ड डॉन हाजी मस्तान मिर्जा की बेटी आज दाने-दाने को मोहताज है और इंसाफ के लिए दर-दर की ठोकरें खा रही है। हसीन मस्तान मिर्जा ने अपने साथ हुए वर्षों पुराने यौन शोषण, जबरन बाल विवाह और करोड़ों की संपत्ति हड़पने के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से हस्तक्षेप की मांग की है। हसीन का दावा है कि उनके पिता की मौत के बाद उनके अपने ही रिश्तेदारों ने उन्हें जीते जी जहन्नुम दिखा दिया।
मासूमियत पर वार: 12 साल की उम्र में जबरन निकाह और दरिंदगी
हसीन मस्तान ने अपनी दर्दनाक दास्तां सुनाते हुए बताया कि जुल्मों का यह सिलसिला उनके पिता की मौत के दो साल बाद यानी 1996 में शुरू हुआ। महज 12 साल की उम्र में उन्हें डरा-धमकाकर उनके मामा के बेटे नासिर हुसैन के साथ निकाह करा दिया गया। हसीन का आरोप है कि नासिर ने उनके साथ लगातार बलात्कार किया और मारपीट की। इस प्रताड़ना का नतीजा यह हुआ कि उनके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई। हसीन कहती हैं, “मुझे घर से बाहर फेंक दिया गया और मरने के लिए छोड़ दिया गया। नासिर ने मेरी पहचान छिपाकर पिता की विरासत और संपत्ति पर कब्जा कर लिया।”
कानून और व्यवस्था पर सवाल: ‘काश! महाराष्ट्र में भी योगी जैसा सीएम होता’
अपनी लड़ाई को लेकर हसीन मस्तान ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि अगर आज महाराष्ट्र में भी योगी आदित्यनाथ जैसा मुख्यमंत्री होता, तो अपराधियों में खौफ होता और उन्हें अब तक न्याय मिल गया होता। उन्होंने पीएम मोदी द्वारा लाए गए तीन तलाक कानून की तारीफ करते हुए कहा कि इससे मुस्लिम महिलाओं को नई जिंदगी मिली है, और अब उन्हें उम्मीद है कि यौन अपराधों और बाल विवाह जैसे मामलों में भी केंद्र सरकार सख्त कदम उठाएगी।
गुमनाम मौत और गायब हुई मां; इंसाफ की आखिरी जंग
हसीन का संघर्ष केवल अपनी पहचान साबित करने का नहीं, बल्कि खोए हुए अपनों को खोजने का भी है। उन्होंने बताया कि जब 2013 में उन्होंने पुलिस में केस दर्ज कराने की कोशिश की, तो उनकी मां को रहस्यमयी तरीके से गायब कर दिया गया। आज वे अकेले ही हाई कोर्ट के चक्कर काट रही हैं। आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि उन्हें केस लड़ने के लिए लोन लेना पड़ रहा है। हसीन ने मीडिया से यह भी अपील की कि उनके इस मामले को उनके पिता के आपराधिक इतिहास से जोड़कर न देखा जाए, क्योंकि वे एक पीड़ित बेटी के रूप में अपनी न्याय की मांग कर रही हैं।



