Gumla News: गुमला जिले में ‘बोर्ड एग्जाम विजय अभियान’ के तहत, उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने शिक्षा विभाग की बोर्ड परीक्षा तैयारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक की, जहां कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए गए। डीसी ने स्पष्ट किया कि शिक्षा वर्तमान में उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और दसवीं बोर्ड परीक्षा बच्चों के जीवन की पहली माइलस्टोन है, जिसे सभी को मिलकर संवारना है।
गुमला में शिक्षा की ‘माइलस्टोन’: डीसी प्रेरणा दीक्षित ने बोर्ड परीक्षा की तैयारियों पर जताई नाराजगी, तीन अधिकारियों का वेतन रुका
बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खलखो एवं जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां ने जिला कंट्रोल टीम, सीआरपी, बीआरपी और बीपीओ के मॉनिटरिंग कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।
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उपायुक्त ने तैयारियों का जायजा लेने के लिए सीधे फील्ड में उतरते हुए, प्लस टू विद्यालय भरनो के साथ ऑडियो-वीडियो मॉनिटरिंग की। उन्होंने शिक्षिका और कक्षा 10 के छात्र से सीधे संवाद कर तैयारियों का जायजा लिया। चूंकि विगत वर्ष इस विद्यालय में 50 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थी अनुत्तीर्ण रहे थे, डीसी ने सभी कमजोर विद्यार्थियों की विशेष तैयारी कराने के निर्देश दिए। इसी क्रम में उन्होंने प्रोजेक्ट उच्च विद्यालय चैनपुर के शिक्षक से भी ऑडियो-वीडियो कॉल कर सीआरपी विजिट की जानकारी ली।
डीसी ने जिला कंट्रोल टीम को नियमित स्कूल मॉनिटरिंग, जीपीएस फोटो, वीडियो कॉल और चार दिनों में व्यक्तिगत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने डीईओ एवं डीएसई को तीन दिनों के भीतर सभी निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि जिले के बोर्ड परीक्षा परिणाम सुधारे जा सकें।



