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New Delhi : राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के अध्यक्ष डॉ. अभिजात चंद्रकांत शेठ ने शनिवार को कहा कि सरकार पूरे देश में समान रूप से डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि डॉक्टर-रोगी अनुपात 1:1000 के लक्ष्य को हासिल किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह कदम विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सिफारिशों के अनुरूप होगा।
डॉ. शेठ अटल बिहारी वाजपेयी आयुर्विज्ञान संस्थान (एबीवीआईएमएस) और डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के 11वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। समारोह में 250 स्नातकोत्तर और डीएम छात्रों के साथ-साथ एमबीबीएस के पहले बैच के 100 स्नातकों को उपाधियां प्रदान की गईं। इस अवसर पर संस्थान की वार्षिक रिपोर्ट “संहिता” भी जारी की गई।
अपने संबोधन में डॉ. शेठ ने छात्रों, उनके अभिभावकों और संकाय सदस्यों को स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में योगदान और मार्गदर्शन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि सरकार स्नातक (यूजी) से स्नातकोत्तर (पीजी) तक 1:1 का अनुपात सुनिश्चित करने पर भी ध्यान दे रही है, ताकि भारत की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को विकसित देशों के मानकों के बराबर लाया जा सके। उन्होंने राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान परीक्षा बोर्ड और एनएमसी द्वारा शुरू की जा रही पहलों का जिक्र करते हुए कहा कि चिकित्सा शिक्षा में कौशल-आधारित और आभासी शिक्षण को पारंपरिक पद्धति के साथ एकीकृत किया जा रहा है।
डॉ. शेठ ने छात्रों को अपने स्वास्थ्य और कल्याण को प्राथमिकता देने, चुनौतियों का सामना करने और आजीवन सीखने वाला बनने की सलाह दी। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (डीजीएचएस) डॉ. सुनीता शर्मा ने स्नातकों को बधाई देते हुए कहा कि चिकित्सा केवल बीमारी का इलाज नहीं, बल्कि रोगियों की देखभाल का नाम है। उन्होंने छात्रों से विनम्र और ज़मीन से जुड़े रहने का आग्रह किया।
स्वास्थ्य मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव डॉ. विनोद कोटवाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह छात्रों की वर्षों की मेहनत का परिणाम है और यह राष्ट्र के स्वास्थ्य व कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की शुरुआत है। उन्होंने एबीवीआईएमएस को हाल में मिली एनएबीएच मान्यता के लिए भी बधाई दी।

