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रांची: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की वरिष्ठ नेत्री और पोलित ब्यूरो सदस्य वृंदा करात ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर कड़ा प्रहार किया है। मंगलवार को रांची के मेन रोड स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने अमेरिकी शर्तों पर समझौता कर देश के स्वाभिमान को ताक पर रख दिया है।
कच्चा तेल और वैश्विक चुप्पी पर सवाल
वृंदा करात ने कहा कि भारत के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है जब अमेरिका यह तय कर रहा है कि भारत किस देश से कच्चा तेल खरीदेगा और किससे नहीं। उन्होंने ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत सरकार की ‘खतरनाक चुप्पी’ ने हमें विश्व पटल पर अलग-थलग कर दिया है। करात के अनुसार, अपनी स्वतंत्र विदेश नीति को छोड़कर किसी साम्राज्यवादी शक्ति के पीछे चलना देश के दीर्घकालिक हितों के खिलाफ है।
झारखंड में गूंजा ‘जन आक्रोश जत्था’
पार्टी के राज्य सचिव प्रकाश विप्लव ने आगामी रणनीतियों की जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ 24 मार्च को दिल्ली में एक विशाल रैली आयोजित की जाएगी। इस रैली की तैयारी के लिए झारखंड के विभिन्न कोनों में ‘जन आक्रोश जत्था’ निकाला जा रहा है।
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दक्षिणी छोटानागपुर: यह जत्था रांची, गुमला, खूंटी और लोहरदगा में प्रचार करते हुए बुंडू पहुंचा, जहां शहीद बिरसा चौक पर एक बड़ी जनसभा हुई।
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संताल परगना: यहाँ निकाले गए जत्थे का समापन पाकुड़ के महेशपुर में हुआ।
इन मांगों को लेकर लामबंद है माकपा
पार्टी ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली रैली का मुख्य उद्देश्य मनरेगा को कमजोर करने की कोशिशों को रोकना, चार लेबर कोड को रद्द कराना, बिजली संशोधन विधेयक को वापस लेना और किसानों के हित में बीज विधेयक को रद्द कराना है। अभियान के दौरान लाखों की संख्या में हैंडबिल बांटे गए हैं और सैकड़ों कार्यकर्ता दिल्ली कूच करने के लिए तैयार हैं। करात ने अंत में कहा कि पिछले चार दिनों के जन अभियान ने यह साबित कर दिया है कि झारखंड की जनता बदलाव के मूड में है।

