Jamshedpur News: बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित घातकीडीह के कुरैशी मोहल्ला में 3 मई 2026 को हुई फायरिंग की घटना का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की इस कार्रवाई में घटना में प्रयुक्त हथियार और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी बरामद किए गए हैं, जिससे पूरे मामले की तस्वीर साफ हो गई है।
सोमवार को सीटी एसपी ललित मीणा ने बताया कि धातकीडीह निवासी सह गामा होटल के संचालक सरफराज कुरैशी उर्फ गामा के बयान पर रविवार को जानलेवा फायरिंग संबंधित नामजद मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसके बाद पुलिस ने विशेष टीम गठित कर तकनीकी और गुप्त सूचना के आधार पर जांच शुरू की। इसी दौरान सूचना मिली कि नामजद आरोपी मो. इमरान उर्फ गोरे और महफूज आलम शहर छोड़कर फरार होने की तैयारी में हैं। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दोनों को धर दबोचा।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से एक देशी ऑटोमैटिक पिस्टल, 7.65 एमएम की एक जिंदा गोली, घटना में इस्तेमाल किया गया खोखा और बिना नंबर प्लेट की एक बाइक बरामद की है। बरामद हथियार और सामग्री ने फायरिंग की घटना की पुष्टि कर दी है और जांच को निर्णायक दिशा मिली है। पुलिस अब हथियार की सप्लाई चेन और इससे जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है।
पूछताछ में सामने आया है कि मुख्य आरोपी इमरान और वादी के बीच पहले से विवाद चल रहा था। घटना से एक दिन पहले हुए विवाद के बाद इमरान ने बदला लेने की नीयत से हथियार की व्यवस्था की और फायरिंग की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस का कहना है कि यह पूरी घटना पूर्व नियोजित थी।
पुलिस अधिकारियों ने यह भी बताया कि इमरान उर्फ गोरे का आपराधिक इतिहास रहा है और उसके खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं। फिलहाल दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस घटना में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।



