रांची: अगर आप आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं और अपने बच्चे को शहर के प्रतिष्ठित निजी स्कूलों में पढ़ाना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए ही है। रांची जिला प्रशासन ने ‘निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE), 2009’ के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए आवेदन की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसके तहत मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों की 25% सीटों पर गरीब और अभिवंचित वर्ग के बच्चों का मुफ्त नामांकन किया जाना है।
15 मार्च है आखिरी तारीख, जल्द करें आवेदन
रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने स्पष्ट किया है कि आवेदन की अंतिम तिथि 15 मार्च 2026 है। नामांकन के लिए अभिभावकों को आधिकारिक पोर्टल www.rteranchi.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि एक भी पात्र बच्चा इस योजना से वंचित न रहे।
सीटों का गणित : कई स्कूलों में अब तक एक भी आवेदन नहीं
आंकड़ों पर गौर करें तो स्थिति चौंकाने वाली है। रांची जिले के कुल 117 मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में 1161 आरक्षित सीटें घोषित की गई हैं। लेकिन अब तक मात्र 383 छात्रों ने ही आवेदन किया है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि जिले के 24 स्कूल ऐसे हैं, जहां रिक्त सीटों के मुकाबले अब तक एक भी आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी के कारण आवेदनों की संख्या काफी कम देखी जा रही है।
प्रशासनिक सख्ती : प्रमाण-पत्रों में न हो देरी
समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त ने सभी अंचलाधिकारियों (CO) को सख्त निर्देश दिए हैं कि नामांकन के लिए आवश्यक आय प्रमाण-पत्र और अन्य दस्तावेज योग्य लाभुकों को तुरंत निर्गत किए जाएं। ताकि कागजों की कमी की वजह से किसी बच्चे का भविष्य न रुके। इसके साथ ही प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारियों (BPO) को निर्देश दिया गया है कि वे आंगनवाड़ी केंद्रों, पंचायतों और ग्राम सभाओं के माध्यम से इस योजना का गांव-गांव तक प्रचार करें।
कौन ले सकता है लाभ?
यह योजना विशेष रूप से निम्नलिखित समूहों के लिए है:
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कमजोर वर्ग (Weaker Section): आर्थिक रूप से पिछड़े या EWS श्रेणी के बच्चे।
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अभिवंचित समूह (Disadvantaged Group): अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अन्य वंचित वर्ग के बच्चे।
कैसे मिलेगी सहायता?
अभिभावकों की सुविधा के लिए पोर्टल पर हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। साथ ही हर प्रखंड में नोडल पदाधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जो आवेदन प्रक्रिया में आने वाली तकनीकी समस्याओं को दूर करने और समन्वय बनाने का काम करेंगे। जिला प्रशासन की यह पहल शिक्षा के अधिकार को जमीन पर उतारने की एक बड़ी कोशिश है। यदि आपके आसपास कोई ऐसा बच्चा है जो गरीबी के कारण अच्छे स्कूल नहीं जा पा रहा, तो उन्हें इस योजना के बारे में जरूर बताएं।



