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Ranchi : राँची के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने जिले के सभी किसान भाइयों-बहनों से अपील की है कि वे खरीफ-2025 की अधिसूचित फसलों—अगहनी धान और भदई मक्का—को बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमित कराएँ। इस योजना का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक आपदाओं, असामान्य वर्षा, सूखा, कीट या रोग से होने वाले नुकसान से बचाना है।
योजना के अंतर्गत किसान मात्र एक रुपये के टोकन प्रीमियम जमा कर अपनी फसलों को बीमा सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं। प्रशासन ने पंजीकरण की अंतिम तिथि बढ़ाकर 30 सितम्बर 2025 कर दी है, ताकि अधिक से अधिक किसान इस योजना का लाभ उठा सकें।
किसान अपने नजदीकी प्रज्ञा केंद्र या बैंक शाखा में आवश्यक दस्तावेज जमा कर आसानी से बीमा करा सकते हैं। उपायुक्त ने कहा कि यह योजना किसानों की आय को स्थिर करने और प्राकृतिक जोखिमों से सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
बीमा के लिए आवश्यक दस्तावेज
- आधार कार्ड (पहचान प्रमाण)
- खसरा/खतियान (भूमि स्वामित्व प्रमाण)
- बैंक पासबुक (खाता संख्या और IFSC कोड)
- भूमि रजिस्ट्रेशन प्रमाण
- वंशावली (पारिवारिक अधिकार प्रमाण)
- स्वघोषणा पत्र
मुआवजा (क्लेम) प्रक्रिया
- असफल बुआई (Prevented Sowing):
यदि बाढ़ या सूखे से किसी क्षेत्र में 75% से अधिक भूमि पर बुवाई नहीं हो पाती, तो बीमित किसान को उसके बीमित क्षेत्र की 25% राशि मुआवजे के रूप में मिलेगी। - फसल कटाई के बाद नुकसान:
कटाई के बाद खेत में रखी फसल को ओलावृष्टि, चक्रवात या बेमौसम बारिश से नुकसान होने पर किसान 72 घंटे के भीतर 14447 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। - फसल उपज आधारित नुकसान:
फसल की वास्तविक पैदावार के आधार पर क्षति का आकलन कर मुआवजा दिया जाएगा।
उपायुक्त ने किसानों से आग्रह किया कि वे इस योजना में समय पर पंजीकरण कराकर अपनी मेहनत और फसल को सुरक्षित करें। उन्होंने कहा कि योजना से न केवल फसलों की सुरक्षा होगी, बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत बनेगी। अधिक जानकारी के लिए किसान नजदीकी प्रज्ञा केंद्र या बैंक शाखा से संपर्क कर सकते हैं।

