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Bihar News: पूर्वी चंपारण में बन रहे विराट रामायण मंदिर को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। शनिवार को इस मंदिर में स्थापित होने वाला विशाल शिवलिंग जैसे ही बिहार में प्रवेश किया, पूरे इलाके में भक्ति और आस्था का माहौल बन गया। गोपालगंज में शिवलिंग के पहुंचते ही “हर-हर महादेव” के जयघोष से वातावरण गूंज उठा।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ शिवलिंग के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए सड़कों पर उमड़ पड़ी। लोग फूल, धूप और अगरबत्ती के साथ शिवलिंग का स्वागत करते नजर आए। जिस रास्ते से यह विशाल शिवलिंग गुजर रहा है, वहां आस्था का सैलाब दिखाई दे रहा है।
यह भव्य शिवलिंग महाबलीपुरम के पट्टीकाडु गांव में तैयार किया गया है। इसे एक ही विशाल ग्रेनाइट पत्थर से तराशा गया है, जो दक्षिण भारतीय शिल्पकला का अद्भुत उदाहरण माना जा रहा है। पारंपरिक नक्काशी और भव्य आकार के कारण यह शिवलिंग देश-दुनिया में विशेष आकर्षण का केंद्र बन गया है।
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करीब 210 मीट्रिक टन वजनी इस शिवलिंग को ले जाने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए 96 चक्का ट्रक का इस्तेमाल किया जा रहा है। ट्रक चालक के अनुसार, शिवलिंग ने तमिलनाडु से यात्रा शुरू कर सागर, ललितपुर, झांसी और कानपुर होते हुए बिहार में प्रवेश किया है। गोपालगंज के बाद यह पूर्वी चंपारण की ओर रवाना होगा, जहां पहुंचने में अभी तीन से चार दिन का समय लग सकता है।
विराट रामायण मंदिर का निर्माण महावीर मंदिर न्यास समिति द्वारा कराया जा रहा है। बिहार राज्य धार्मिक न्यास समिति के पूर्व अध्यक्ष किशोर कुणाल ने 20 जून 2023 को इसका शिलान्यास किया था। इसके बाद से मंदिर की नींव, सिंह द्वार, नंदी मंडप और गर्भगृह का पाइलिंग कार्य पूरा हो चुका है।
करीब 120 एकड़ में बन रहे इस भव्य परिसर में 22 मंदिरों का निर्माण प्रस्तावित है। यहां स्थापित किया जाने वाला यह शिवलिंग लगभग 33 फीट ऊंचा है और इसे संभवतः दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग माना जा रहा है। श्रद्धालुओं को उम्मीद है कि मंदिर के पूर्ण होने के बाद यह स्थल देश के प्रमुख धार्मिक केंद्रों में शामिल होगा।

