Jharkhand News: झारखंड के हजारीबाग जिले के बेलतू गांव में मोहर्रम पर्व के दौरान झंडा लगाने को लेकर उपजा विवाद अब और गंभीर होता जा रहा है। सोमवार को उस समय स्थिति और तनावपूर्ण हो गई, जब सांसद मनीष जायसवाल और बड़कागांव के विधायक रोशन लाल चौधरी को बेलतू गांव जाने से पहले ही पुलिस ने रोक लिया। दोनों जनप्रतिनिधियों को सीकरी थाना क्षेत्र में नजरबंद कर दिया गया।

प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में धारा 144 लागू है, जिसके कारण किसी भी तरह के सार्वजनिक जमावड़े या बाहरी हस्तक्षेप पर रोक है। हालाँकि, सांसद और विधायक दोनों ने प्रशासन की इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया है। सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि वे शांति स्थापित करने और लोगों से संवाद करने के उद्देश्य से जा रहे थे, न कि किसी उकसावे के लिए।

बेलतू गांव में तनाव की शुरुआत उस वक्त हुई जब एक पक्ष द्वारा धार्मिक झंडा लगाने को लेकर विवाद हुआ। रविवार शाम को रानी तालाब कर्बला की ओर जाने वाला मोहर्रम का जुलूस बेलतू गांव में रोक दिया गया। विवाद इस बात को लेकर गहराया कि जब तक झंडा नहीं हटेगा, तब तक जुलूस को आगे नहीं जाने दिया जाएगा।

घटना की सूचना मिलते ही सदर एसडीओ बैद्यनाथ कामती, एसडीपीओ पवन कुमार, केरेडारी सीओ और बीडीओ घटनास्थल पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया गया। लेकिन तनाव अब भी बरकरार है और प्रशासनिक सतर्कता बढ़ा दी गई है।

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