Bihar News: बेली रोड स्थित पारस एमआरआई अस्पताल में हुए चंदन मिश्रा हत्या मामले में नया मोड़ आ गया है। शनिवार को पटना पुलिस और पश्चिम बंगाल एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में कोलकाता के सैटेलाइट टाउनशिप के एक आवासीय परिसर से पांच आरोपितों को गिरफ्तार करने की खबर सामने आई। यह छापेमारी शनिवार तड़के की गई, जिसमें आरोपितों को उनके मोबाइल फोन लोकेशन के आधार पर ट्रैक कर पकड़ा गया।
सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार पांच में से चार आरोपित सीधे तौर पर चंदन मिश्रा हत्या में शामिल थे। घटना के बाद ये सभी आरोपित पटना से फरार होकर कोलकाता में छिपे हुए थे। फिलहाल इनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। बिहार पुलिस जल्द ही इन्हें स्थानीय अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड के लिए याचिका दायर करेगी।
पटना एसएसपी ने गिरफ्तारी से किया इनकार
इस बीच पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्तिकेय शर्मा ने गिरफ्तारी की खबरों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, “अभी तक इस मामले में किसी भी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।” उनके इस बयान ने मामले में नया सस्पेंस पैदा कर दिया है।
कौन था चंदन मिश्रा?
बक्सर जिले का रहने वाला चंदन मिश्रा बिहार के कुख्यात अपराधियों में से एक था। उसके खिलाफ हत्या, बैंक डकैती और आभूषण की दुकानों में लूट जैसे 20 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे।
उसे 2014 में कोलकाता एसटीएफ ने गिरफ्तार कर बक्सर सेंट्रल जेल भेजा था, बाद में उसे भागलपुर सेंट्रल जेल स्थानांतरित कर दिया गया। हाल ही में उसे बेउर सेंट्रल जेल से इलाज के लिए 15 दिनों की पैरोल पर रिहा किया गया था, जो 18 जुलाई 2025 को समाप्त होने वाली थी।
हत्या के बाद बढ़ी पुलिस की चुनौती
बेली रोड पर हुए चंदन मिश्रा की हत्या के बाद से पटना पुलिस आरोपितों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही थी। मोबाइल ट्रैकिंग और खुफिया इनपुट्स के आधार पर पुलिस टीम ने पश्चिम बंगाल एसटीएफ के सहयोग से कोलकाता में कार्रवाई की।
हालांकि गिरफ्तारी पर पटना एसएसपी की ओर से आई प्रतिक्रिया ने इस मामले को और उलझा दिया है। सूत्रों का कहना है कि पुलिस जल्द ही आधिकारिक बयान जारी कर सकती है।
बढ़ रही है अपराधियों की सक्रियता
अपराध जगत में चंदन मिश्रा की पकड़ मजबूत मानी जाती थी। उसकी हत्या के बाद पटना और आसपास के क्षेत्रों में अपराधियों के बीच हलचल बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि उसकी हत्या के पीछे पुरानी दुश्मनी और आपराधिक नेटवर्क में वर्चस्व की लड़ाई हो सकती है।



