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पूर्वी सिंहभूम: झारखंड के औद्योगिक शहर जमशेदपुर के गोलमुरी इलाके में गुरुवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब बॉम्बे उच्च न्यायालय के आदेश पर प्रशासन ने एक बड़े अवैध नेटवर्क का पर्दाफाश किया। गोलमुरी थाना क्षेत्र के रिफ्यूजी कॉलोनी स्थित साईनाथ एंटरप्राइजेज पर हुई इस छापामारी ने स्थानीय व्यापारियों और मिलावटखोरों के बीच अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया है।
अदालती आदेश पर एक्शन
यह कार्रवाई कोई सामान्य पुलिस रेड नहीं थी, बल्कि सीधे बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देश पर की गई। कोर्ट द्वारा नियुक्त दंडाधिकारी दीप्तोनिल हाजरा के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासन की एक संयुक्त टीम ने दोपहर करीब पौने तीन बजे रिफ्यूजी कॉलोनी की दो अलग-अलग गलियों में स्थित गोदामों और दुकानों को चारों तरफ से घेर लिया।
भारी मात्रा में ‘नेपाल यूनिलीवर’ के उत्पाद बरामद
छापेमारी के दौरान टीम की आंखें तब फटी रह गईं जब गोदामों के भीतर अंतरराष्ट्रीय ब्रांड ‘नेपाल यूनिलीवर’ के लेबल वाले हजारों पैकेट मिले। इनमें टूथपेस्ट, पाउडर, फेस क्रीम और कई अन्य सौंदर्य प्रसाधन शामिल थे। जांच में पाया गया कि ये उत्पाद अधिकृत डीलरों के बजाय नेपाल सीमा के जरिए अवैध रूप से भारत लाए जा रहे थे और यहां असली बताकर ऊंचे दामों पर बेचे जा रहे थे।
उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़
अधिकारियों ने आशंका जताई है कि ये उत्पाद केवल ट्रेडमार्क और कॉपीराइट कानूनों का उल्लंघन ही नहीं हैं, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद खतरनाक हो सकते हैं। बिना किसी मानक जांच के बाजार में उतारे गए इन कॉस्मेटिक्स की गुणवत्ता संदिग्ध है। जब्त किए गए माल की कीमत लाखों रुपये आंकी गई है, जिसकी सूची बनाने में टीम को घंटों मशक्कत करनी पड़ी।
जांच का दायरा बढ़ा: कौन है असली मास्टरमाइंड?
प्रशासन अब साईनाथ एंटरप्राइजेज के संचालकों से कड़ी पूछताछ कर रहा है। जांच का मुख्य केंद्र यह है कि आखिर इस अवैध सप्लाई चेन का जाल जमशेदपुर के बाहर और कहां-कहां फैला है। सूत्रों की मानें तो इस मामले में धोखाधड़ी, अवैध आयात और ट्रेडमार्क उल्लंघन की गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि शहर के अन्य संदिग्ध ठिकानों पर भी जल्द ही ऐसी ही बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।

