Kishanganj, (Bihar): बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सत्ता संभालते ही प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है। इसी बीच किशनगंज पुलिस अधीक्षक (SDPO) संतोष कुमार के नेतृत्व में शनिवार रात एक संदिग्ध मामले में बड़ी कार्रवाई की गई। रात करीब 8 बजे एक लाल रंग की थार गाड़ी में सवार तीन लोग अचानक खगड़ा स्थित एसडीपीओ कार्यालय परिसर पहुंचे और सीधे दफ्तर के भीतर दाखिल हो गए। इस असामान्य गतिविधि ने सुरक्षा और प्रशासनिक सतर्कता पर सवाल खड़े कर दिए।

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मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी संतोष कुमार ने त्वरित एक्शन का निर्देश दिया, जिसके बाद एसडीपीओ-2 मंगलेश कुमार सिंह भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तीनों संदिग्ध व्यक्तियों के साथ थार वाहन को हिरासत में लेकर सदर थाना पहुंचाया। पकड़े गए लोगों की पहचान मोहम्मद हबीब (किशनगंज), सौदागर (पूर्णिया) और एक नाबालिग के रूप में हुई है।

शुरुआती पूछताछ में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है। पूर्व एसडीपीओ गौतम कुमार की ओर से दावा किया गया कि कार्यालय में लगा एयर कंडीशनर (AC) उनका निजी था और ये लोग उसे ही हटाने के लिए वहां पहुंचे थे। हालांकि, पुलिस ने इस तर्क को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि किसी भी सरकारी कार्यालय से कोई भी उपकरण हटाने के लिए एक निर्धारित कानूनी प्रक्रिया होती है, जिसका पालन नहीं किया गया।

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गौरतलब है कि पूर्व एसडीपीओ गौतम कुमार पहले से ही आर्थिक अपराध इकाई (EOU) पटना की रडार पर हैं और उनके खिलाफ अवैध संपत्ति के मामले में जांच चल रही है। ऐसे में जांच के बीच कार्यालय से सामान हटाने की इस कोशिश को सबूतों के साथ छेड़छाड़ या अन्य संदिग्ध इरादों से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस फिलहाल सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है और पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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