India News: हिमाचल प्रदेश के शांत पहाड़ों में बीती रात ऐसी आग बरसी जिसने एक ही हंसते-खेलते परिवार को राख के ढेर में बदल दिया। सिरमौर जिले के नौहराधार क्षेत्र में हुए एक भीषण अग्निकांड में छह लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। मरने वालों में तीन मासूम बच्चे भी शामिल हैं, जो अपनी मां के साथ ननिहाल में मेहमान बनकर आए थे। इस हृदयविदारक हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है।
नींद में ही काल बन गई आग, संभलने का नहीं मिला मौका
घटना बुधवार देर रात करीब दो से तीन बजे के बीच की है। ग्राम पंचायत घंडूरी के तलागना गांव में मोहन सिंह के रिहायशी मकान में अचानक आग की लपटें उठने लगीं। मकान पहाड़ी शैली का और लकड़ी से बना होने के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। अंदर सात लोग गहरी नींद में सो रहे थे, जिन्हें बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल पाया। ग्रामीणों ने जब धुआं उठते देखा तो शोर मचाया, लेकिन तब तक आग बेकाबू हो चुकी थी।
शॉर्ट सर्किट और सिलेंडर ब्लास्ट ने मचाया तांडव
प्रशासनिक अधिकारियों की मानें तो शुरुआती जांच में आग लगने का कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। आग की तपिश इतनी ज्यादा थी कि घर के भीतर रखा एलपीजी सिलेंडर भी फट गया, जिससे पूरा ढांचा ढह गया। इस दर्दनाक हादसे में नरेश, उनकी पत्नी तृप्ता, कविता और तीन नन्हें बच्चों सारिका, कृतिका व कृतिक की झुलसकर मौत हो गई। 42 वर्षीय लोकेंद्र को ग्रामीणों ने किसी तरह बाहर निकाला, जो फिलहाल सोलन अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं।
नड्डा और जयराम ठाकुर समेत दिग्गजों ने जताया शोक
इस भीषण त्रासदी पर राजनीति और समाज के हर वर्ग ने गहरा दुख जताया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने इसे प्रदेश के लिए एक काली रात बताया है। जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार को तुरंत उचित मुआवजा और सहायता देने की मांग की गई है। फिलहाल पूरा गांव सदमे में है और मृतकों के शवों की हालत इतनी खराब थी कि उनकी पहचान करना भी मुश्किल हो गया।
इस खबर को भी पढ़ें : इंडोनेशिया में चीख-पुकार: वृद्धाश्रम में लगी भीषण आग, 16 बुजुर्गों की मौ’त!



