Ranchi News : जमीअतुल कुरैश कांफ्रेंस के तत्वावधान में हाजी असलम बैंक्वेट हॉल में आयोजित जमीअतुल कुरैश चौरासी पंचायत सम्मेलन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता जमीअतुल कुरैश चौरासी पंचायत झारखंड के अध्यक्ष हाजी अफसर कुरैशी ने की। सम्मेलन में झारखंड के विभिन्न जिलों से आए कुरैशी पंचायत के प्रतिनिधियों ने समाज के सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की और सरकार से समस्याओं के समाधान की मांग की।
कार्यक्रम का संचालन महासचिव मुमताज कुरैशी ने किया। उन्होंने कुरैशी समाज की ज्वलंत समस्याओं को विस्तार से रखा। सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में दिल्ली से आए जमीअतुल कुरैश कांफ्रेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष सनव्वर अली कुरैशी (सीनियर अधिवक्ता, सुप्रीम कोर्ट) और राष्ट्रीय महासचिव आशिकीन कुरैशी ने समाज को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि झारखंड में कुरैशी समाज की आबादी लगभग 6 लाख है, लेकिन नेतृत्व निर्माण और विकास के मामले में समाज अभी भी काफी पीछे है।
उन्होंने मीट व्यापार में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया। कुरैशी समाज मुख्य रूप से पशु व्यापार और मीट व्यवसाय से जुड़ा है, लेकिन वर्तमान में यह व्यापार कठिनाइयों का सामना कर रहा है। झारखंड में नगर निगम के तहत संचालित पशु वधशालाएं बंद हैं और पशु बाजारों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। गैर सरकारी संगठनों द्वारा पशु व्यापारियों को परेशान करना और आर्थिक नुकसान पहुंचाना भी गंभीर समस्या है। उन्होंने राज्य मीट बोर्ड के गठन, एकल विंडो सिस्टम लागू करने और कोचिंग व गाइडेंस सेंटर खोलने की मांग की।
जमीअतुल हवारीन झारखंड के अध्यक्ष मो. इसलाम ने भी शिक्षा के महत्व पर बल दिया और कहा कि आने वाले समय में कुरैशी समाज को इतिहास का हिस्सा बनने के लिए संगठित प्रयास करने होंगे।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में हाजी अफसर कुरैशी ने कहा कि वे समाज के विकास की उम्मीदों पर खरे उतरेंगे और समस्याओं के समाधान के लिए सरकार को ज्ञापन देंगे।
सम्मेलन में हाजी तौफीक कुरैशी, हाजी बिलाल कुरैशी, शादाब कुरैशी, नईम कुरैशी, अली हैदर कुरैशी, शब्बीर कुरैशी, गुड्डन कुरैशी, शमीम कुरैशी, कमरुद्दीन कुरैशी, कमरुज्जमा कुरैशी, सजर कुरैशी, बारीक कुरैशी, मुनाजिर कुरैशी, फारूक कुरैशी, लतीफ कुरैशी, जिलानी कुरैशी, मुस्तफा कुरैशी, आजाद कुरैशी, चांद कुरैशी, नाजिश कुरैशी सहित बड़ी संख्या में प्रतिनिधिगण मौजूद थे। कार्यक्रम की शुरुआत तिलावत-ए-कुरान पाक से हुई और धन्यवाद ज्ञापन हाजी बिलाल कुरैशी ने दिया।



