India News: श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट से जुड़े कथित आध्यात्मिक गुरु स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती की करतूतें आखिरकार उजागर हो गईं। संस्थान की छात्राओं द्वारा लंबे समय से झेल रहे यौन शोषण और उत्पीड़न का मामला उस समय खुलकर सामने आया, जब एक पूर्व छात्रा का पत्र और भारतीय वायुसेना के एक ग्रुप कैप्टन का ईमेल एक साथ सामने आया। इसमें बाबा की तीन सहयोगी महिलाओं की मिलीभगत का भी बड़ा खुलासा हुआ।

30 से ज्यादा छात्राओं ने गवाही दी

शिकायत दर्ज होने के बाद संस्थान की गवर्निंग काउंसिल ने 30 से अधिक छात्राओं के साथ वर्चुअल बैठक की। इनमें ज्यादातर छात्राएं गरीब परिवारों से या फिर फौजी परिवारों से ताल्लुक रखती थीं। जांच के दौरान बच्चियों ने रो-रोकर अपने अनुभव बताए। पुलिस ने अब तक 32 से ज्यादा पीड़िताओं के बयान दर्ज कर लिए हैं। आरोप है कि बाबा और उसकी महिला सहयोगियों ने छात्राओं के असली शैक्षिक प्रमाणपत्र कब्जे में लेकर उन्हें चुप रहने के लिए मजबूर किया।

छात्राओं के अधिकारों पर डाला दबाव

मामले की जांच में सामने आया कि कई छात्राओं को परीक्षा में बैठने से रोका गया और संस्थान छोड़ने की धमकी दी गई। मार्च 2025 में बाबा ने कथित तौर पर नई कार की पूजा के बहाने कुछ छात्राओं को ऋषिकेश बुलाया और अश्लील कमेंट किए। वहीं जून 2025 में लगभग 35 छात्राओं को एक ट्रिप पर ले जाया गया, जहां देर रात उन्हें बाबा के कमरे में बुलाया जाता था। विरोध करने पर छात्राओं को करियर और पढ़ाई से जुड़ा डर दिखाकर दबाव बनाया गया।

डिजिटल सबूत जुटाने में लगी पुलिस

पुलिस ने आरोपी बाबा का मोबाइल, सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल डिवाइस जब्त कर लिए हैं। हालांकि बाबा ने छात्राओं से सभी आपत्तिजनक चैट्स डिलीट करवाई थीं, लेकिन पुलिस अब फॉरेंसिक तरीकों से उन्हें रिकवर करने में जुटी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के देश से बाहर भागने की आशंका है, इसलिए लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है।

कौन है स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती ?

स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती पहले डॉ. पार्थसारथी के नाम से जाना जाता था। चैतन्यानंद सरस्वती पर पहले भी यौन उत्पीड़न के आरोप लग चुके हैं। बता दें कि साल 2009 में चैतन्यानंद सरस्वती पर धोखाधड़ी और छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया गया था। उसके बाद साल 2016 में वसंत कुंज में एक महिला ने इस पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। उसके बाद अब 17 लड़कियों ने चैतन्यानंद सरस्वती पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया है।

पुराने केस भी हुए उजागर

यह पहला मौका नहीं है जब बाबा चैतन्यानंद पर गंभीर आरोप लगे हों। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, साल 2006, 2009 और 2016 में भी उस पर यौन शोषण और धोखाधड़ी के मामले दर्ज हो चुके हैं। साल 2009 में दिल्ली की डिफेंस कॉलोनी थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ था, जबकि 2016 में वसंतकुंज थाने में छात्रा ने छेड़छाड़ की शिकायत की थी। उस दौरान पुलिस ने उसे गिरफ्तार भी किया था, लेकिन वह जमानत पर बाहर आकर फिर से संस्थान में सक्रिय हो गया।

फरार बाबा पर शिकंजा कसता हुआ

इस साल भी बाबा पर तीन नए मामले दर्ज हुए हैं जिनमें 17 छात्राओं से शोषण, फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल और मठ से धोखाधड़ी शामिल हैं। बाबा फरार बताया जा रहा है और पुलिस की टीमें उसकी तलाश में लगी हैं। डीसीपी अमित गोयल का कहना है कि किसी भी सूरत में आरोपी को कानून से भागने नहीं दिया जाएगा।

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