World News: हाल ही में रूस के कमचटका प्रायद्वीप में आए 8.8 तीव्रता के भूकंप ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। यह शक्तिशाली भूकंप न केवल मानव जीवन और संपत्ति के लिए विनाशकारी साबित हुआ, बल्कि इसके प्रभाव प्रकृति पर भी गहराई से देखे गए। इसी संदर्भ में एक बार फिर यह सवाल उठने लगा है कि क्या जानवरों को भूकंप जैसी आपदाओं का पहले से आभास हो जाता है?

वैज्ञानिकों का ध्यान इस दिशा में खासतौर पर सांपों के व्यवहार पर केंद्रित हुआ है। इतिहास में ऐसे कई प्रमाण मिले हैं जब भूकंप से कुछ घंटे या दिन पहले बड़ी संख्या में सांप अचानक अपने बिलों से बाहर निकल आए। आम तौर पर यह ठंड के मौसम में नहीं होता, क्योंकि सांप सर्दियों में हाइबरनेशन की स्थिति में रहते हैं और जमीन के अंदर गुप्त रूप से छिपे रहते हैं।

वैज्ञानिकों की मान्यता

वैज्ञानिकों का मानना है कि सांप धरती के भीतर होने वाली सूक्ष्म कंपन, विद्युत-चुंबकीय तरंगों और रासायनिक गैसों में बदलाव को महसूस करने की क्षमता रखते हैं। यही कारण है कि जब उन्हें खतरे की आहट मिलती है, तो वे बिलों से बाहर निकल आते हैं और खुले में असामान्य ढंग से घूमते हुए देखे जाते हैं। यह व्यवहार कई बार भूकंप से कुछ घंटे या दिन पहले देखा गया है, जिससे यह अंदाजा लगाया गया कि सांप प्राकृतिक आपदाओं का एक संभावित चेतावनी संकेत हो सकते हैं।

तीन ऐतिहासिक उदाहरण

  1. चीन, 1920 (हाइयुआन भूकंप)
    जब चीन के निगशिया प्रांत के हाइयुआन में 8.5 तीव्रता का भीषण भूकंप आया, उससे कुछ घंटे पहले हज़ारों सांप -10 डिग्री सेल्सियस की ठंड में भी अपने बिलों से बाहर निकल आए थे। यह घटना वैज्ञानिकों के लिए चौंकाने वाली थी।

  2. टांगशान, 1976
    चीन के टांगशान शहर में आए 7.6 तीव्रता के भूकंप से एक दिन पहले भी सांपों को बड़े झुंड में खुले में देखा गया। यह घटना भी व्यापक वैज्ञानिक चर्चा का विषय बनी।

  3. इंडोनेशिया, 2006 (जोगजकार्ता भूकंप)
    इस भूकंप से ठीक एक रात पहले सांपों को घरों में घुसते हुए देखा गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, सांप घबराए हुए थे और अनजान व्यवहार कर रहे थे।

भारत में भी मिले प्रमाण

2001 में गुजरात के भुज में आए विनाशकारी भूकंप के बाद राहत शिविरों के पास कई जगह सांपों के दिखने और काटने की घटनाएं सामने आईं। विशेषज्ञों का मानना है कि भूकंप के दौरान उनके बिल नष्ट हो गए थे और वे सतह पर आ गए थे। इसी तरह नेपाल और दक्षिण एशिया के अन्य हिस्सों में भी भूकंप और सुनामी से पहले पशु-पक्षियों के असामान्य व्यवहार दर्ज किए गए हैं।

भविष्य की चेतावनी प्रणाली का हिस्सा?

वैज्ञानिक अब इस दिशा में और गहराई से शोध कर रहे हैं कि क्या सांपों जैसे जीवों की मदद से भूकंप की पूर्व चेतावनी दी जा सकती है। हालांकि यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुआ है कि वे इन संकेतों को कैसे समझते हैं, लेकिन उनका व्यवहार इस ओर इशारा जरूर करता है कि प्रकृति में कोई ऐसा तंत्र है, जिसे इंसान अभी पूरी तरह समझ नहीं पाया है। यह रहस्यमयी व्यवहार भले ही आज भी विज्ञान के लिए एक पहेली बना हुआ हो, लेकिन इसमें भविष्य की आपदा चेतावनी प्रणालियों की संभावनाएं जरूर छिपी हैं।

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