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East Singhbhum : जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) शासी परिषद की बैठक सोमवार को टाउन हॉल, सिदगोड़ा में उपायुक्त सह डीएमएफटी अध्यक्ष कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में बहरागोड़ा विधायक समीर मोहंती, पोटका विधायक संजीव सरदार, उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान, मुखिया, पंचायत प्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के पदाधिकारी शामिल हुए।
बैठक में DMFT मद से संचालित योजनाओं की प्रगति, भविष्य की प्राथमिकताएं और संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने कहा कि DMFT निधि का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ पारदर्शिता और त्वरितता के साथ लक्षित समुदाय तक पहुंचे, यह प्रशासन की शीर्ष प्राथमिकता है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि ग्राम सभा के माध्यम से प्राथमिकता आधारित योजनाओं की अनुशंसा करें और उनके क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाएं ताकि DMFT निधि का अधिकतम उपयोग स्थानीय विकास में हो सके।
बहरागोड़ा विधायक समीर मोहंती ने कहा कि DMFT योजनाओं की सफलता स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कार्यान्वयन पर निर्भर करती है। उन्होंने भवनहीन स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और पेयजल योजनाओं को प्राथमिकता देने की बात कही। वहीं, पोटका विधायक संजीव सरदार ने पंचायतों के जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे ग्राम सभा के माध्यम से प्राथमिक योजनाओं का चयन करें, ताकि विकास कार्यों को गति मिल सके। उन्होंने कहा कि सीमित डीएमएफटी संसाधनों का समुचित उपयोग जरूरी है।
उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान ने बताया कि जिले में प्रत्यक्ष रूप से 196 और अप्रत्यक्ष रूप से 19 खनन प्रभावित पंचायतें हैं। अब तक कुल 14,169 योजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से 9,675 योजनाओं का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया जा चुका है।
बैठक में मुखियाओं ने अपने-अपने पंचायतों की प्राथमिक आवश्यकताओं से संबंधित सुझाव दिए। अंत में उपायुक्त ने सभी जनप्रतिनिधियों और पंचायत प्रतिनिधियों से योजनाओं के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन में सक्रिय भागीदारी की अपील की। बैठक में उप नगर आयुक्त जेएनएसी कृष्ण कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी मनोज कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

