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Ranchi : अंजुमन बचाओ मोर्चा की बैठक आज संपन्न हुई, जिसमें अंजुमन इस्लामिया रांची के आगामी चुनाव को लेकर महत्वपूर्ण विचार-विमर्श किया गया। बैठक का मुख्य एजेंडा यह था कि समाज के हित और लोकतंत्र की मजबूती के लिए इस चुनाव में ऐसे प्रत्याशियों को चुनावी मैदान में उतारा जाए, जिनकी छवि साफ-सुथरी हो और जो बिरादरी की राजनीति से ऊपर उठकर जनता की सेवा के लिए समर्पित हों।
मोर्चा के पदाधिकारियों ने बैठक में स्पष्ट किया कि आज की जनता भ्रष्टाचार और विवादित छवि वाले समाजसेवियों से दूरी बना रही है। ऐसे हालात में संगठन की जिम्मेदारी है कि वह योग्य, ईमानदार और काबिल उम्मीदवारों को जनता के सामने पेश करे। उनका कहना था कि अब समय आ गया है कि केवल पहचान या बिरादरी के आधार पर नहीं, बल्कि काबिलियत और निष्पक्षता के आधार पर प्रत्याशी चुने जाएं।
बैठक में मौजूद सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय बुद्धिजीवियों ने भी इस विचार का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि साफ छवि वाले प्रत्याशी ही लोकतंत्र को मजबूत बना सकते हैं और जनता का विश्वास जीत सकते हैं। साथ ही, यह भी माना गया कि ऐसे उम्मीदवार समाज की वास्तविक समस्याओं को समझने और उनका समाधान करने की क्षमता रखते हैं।
मोर्चा के सदस्यों ने इस बात पर सहमति जताई कि चुनाव में सिर्फ जीत का लक्ष्य नहीं होना चाहिए, बल्कि लोकतंत्र की सच्ची भावना को बनाए रखने के लिए सही उम्मीदवार को चुनना ही सबसे अहम है। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि ऐसे लोगों को सामने लाया जाए जो समाज की बेहतरी के लिए काम करने का जुनून रखते हों और व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर जनता के विकास के लिए समर्पित हों।
बैठक के दौरान कई वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि भ्रष्ट और विवादित छवि वाले समाजसेवियों ने समाज को सिर्फ बांटने का काम किया है। अब बदलाव की जरूरत है और यह बदलाव तभी संभव है जब जनता साफ छवि, ईमानदार और कर्मठ समाजसेवियों को समर्थन दे।
अंजुमन बचाओ मोर्चा की इस बैठक ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि राजनीति को शुद्ध और पारदर्शी बनाने का संकल्प संगठन ने ले लिया है। उम्मीद है कि अंजुमन इस्लामिया रांची के आगामी चुनाव में यह पहल समाज और लोकतंत्र दोनों के लिए सकारात्मक बदलाव लेकर आएगी।

