Bihar News: भारत-नेपाल सीमा पर स्थित मैत्री पुल एक बार फिर विवादों में है। रविवार देर शाम यहां उस वक्त तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई जब एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) 47वीं बटालियन ने फुटपाथ क्षेत्र में नया पोस्ट निर्माण कार्य शुरू किया। यह स्थान भारत के लैंड कस्टम क्षेत्र में आता है, जहां बिना अनुमति निर्माण कार्य अवैध माना जाता है।

जैसे ही कस्टम अधिकारियों को निर्माण की जानकारी मिली, वे मौके पर पहुंचे और कार्य को रुकवाने की कोशिश की। अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि यह इलाका लैंड कस्टम का है और यहां किसी अन्य एजेंसी को न तो निर्माण करने का अधिकार है और न ही स्थायी रूप से तैनात रहने का।

हालात तब और बिगड़ गए जब भारी संख्या में एसएसबी जवान हथियारों के साथ पहुंच गए और घेराबंदी कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया। इस दौरान नेपाल सशस्त्र प्रहरी (APF) के परसा जिले के डीएसपी लोकेंद्र बहादुर सुब्बा भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने भारत द्वारा नो मेंस लैंड में हो रहे निर्माण को भारत-नेपाल मैत्री संबंधों का उल्लंघन बताया और विरोध दर्ज कराया।

घटनास्थल पर एसएसबी 47वीं बटालियन के असिस्टेंट कमांडेंट दिव्यांशु चौहान, नेपाल के डीएसपी और कस्टम अधिकारियों के बीच लंबी बातचीत हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। कस्टम अधिकारियों ने इस मामले में हरैया थाना को सूचना दी है और अवैध निर्माण के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आवेदन भी कस्टम अधीक्षक द्वारा दिया गया है।

गौरतलब है कि 10 मार्च 2024 को गृह मंत्रालय के निर्देश पर इसी स्थान से एसएसबी की अस्थायी पोस्ट को नागरिक शिकायतों के आधार पर हटाया गया था। उस समय केवल दो महिला कांस्टेबल की हेल्प डेस्क के रूप में तैनाती की गई थी। अब फिर से उसी स्थान पर निर्माण शुरू किए जाने से विवाद गहराता जा रहा है।

एसएसबी के असिस्टेंट कमांडेंट दिव्यांशु चौहान ने कहा कि यह क्षेत्र भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा के तहत आता है और यह पोस्ट सुरक्षा कारणों से अस्थाई तौर पर बनाया जा रहा है। वहीं, कस्टम आयुक्त मोहन कुमार मीणा ने कहा कि यह अवैध निर्माण है और इसकी सूचना जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को दे दी गई है। निर्देश मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

वर्तमान में सीमा क्षेत्र की स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और दोनों देशों के सुरक्षा बलों के बीच बातचीत जारी है।

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