Jharkhand News: झारखंड आंदोलन के प्रणेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु शिबू सोरेन का मंगलवार को उनके पैतृक गांव नेमरा में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान पूरा वातावरण भावुक हो उठा। शिबू सोरेन का शव जैसे ही घाट पर पहुंचा, आसमान से झमाझम बारिश होने लगी, जिसे लोगों ने प्रकृति का अंतिम श्रद्धांजलि करार दिया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ उनके भाई बसंत सोरेन और परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। हेमंत ने भावुक होकर कहा कि “पिता ही मेरे मार्गदर्शक थे, जिन्होंने संघर्ष की राह दिखाई।”
स्थानीय लोगों ने कहा कि गुरुजी के जाने से झारखंड ने अपना लाल खो दिया है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। झारखंड की अस्मिता के इस योद्धा को अंतिम विदाई देने पहुंचे हर व्यक्ति की आंखें नम थीं।



