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Jharkhand News: जमशेदपुर के बिष्टुपुर के खाऊ गली क्षेत्र में बुधवार की रात जो हुआ, उसने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए। चक्रधरपुर के विधायक सुखराम उरांव के प्रतिनिधि समरेश सिंह उर्फ गुड्डू सिंह पर हुए हमले की गुत्थी आखिरकार पुलिस ने सुलझा ली है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने तीन शूटरों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने गुड्डू सिंह पर योजनाबद्ध तरीके से हमला किया था।
एसएसपी पीयूष पांडेय ने बताया कि गिरफ्तार शूटरों की पहचान बादल कुमार प्रसाद उर्फ काला (बागबेड़ा बजरंग टेकरी), पवन कुमार (कीताडीह त्रिमूर्ति चौक) और मोहम्मद वाजिद उर्फ हबलु (परसुडीह गफ्फार बस्ती) के रूप में हुई है। इन तीनों के पास से पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई एक सेमी-ऑटोमेटिक पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस और एक मोटरसाइकिल भी बरामद की है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह हमला साल 2021 में गिरिराज सेना के कमलदेव गिरी की हत्या के प्रतिशोध में किया गया था। यानी इस हमले की जड़ें पुरानी रंजिश में छुपी हुई थीं। बताया गया है कि हमलावरों ने घटना से पहले दिनभर गुड्डू सिंह की रेकी की और रात के समय जब वह खाऊ गली क्षेत्र में पहुंचे, तभी उन्हें निशाना बनाया गया। हालांकि, गोली उनके जबड़े में ही फंस गई और वे गंभीर रूप से घायल हो गए, लेकिन उनकी जान बच गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस साजिश में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। घटना का मास्टरमाइंड अब भी फरार है और पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। वहीं इस हमले के बाद इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है और विधायक प्रतिनिधि पर हुए हमले से राजनीतिक हलकों में भी हलचल मच गई है।

