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रांची: झारखंड की कृषि एवं पशुपालन मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने स्पष्ट कर दिया है कि अब खेती सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि मुनाफे का व्यवसाय बनेगी। रांची के पलाश सभागार में आयोजित ‘सिद्धको फेड’ की कार्यशाला में मंत्री ने एक बेहद संजीदा बात कही—“किसान वही उगाएं, जिसकी बाजार में मांग है।” यह केवल एक बयान नहीं, बल्कि झारखंड के ग्रामीण अर्थतंत्र को बदलने की एक सोची-समझी रणनीति है। मंत्री ने राज्य के किसानों को भरोसा दिलाया कि सरकार केवल सुझाव नहीं दे रही, बल्कि उनके हाथ थामकर उन्हें बाजार तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।
तीन ऐतिहासिक समझौतों से खुलेगा तरक्की का द्वार
इस कार्यशाला की सबसे बड़ी उपलब्धि तीन महत्वपूर्ण MOU (समझौता ज्ञापनों) पर हस्ताक्षर होना रहा। ये समझौते झारखंड के लघु वनोत्पादों (NTFP) को वैश्विक पहचान दिलाने की नींव रखेंगे:
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ICAR-NISA के साथ ब्रूड बैंक की स्थापना: इससे कीट पालन और उससे जुड़े उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार होगा।
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लखीश्वरी लाह उद्योग के साथ साझेदारी: लाह (Lac) उत्पादन में झारखंड पहले से ही अग्रणी है, अब इसे उद्योग से जोड़कर किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
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वाइल्ड हार्वेस्ट वेंचर के साथ एमओयू: यह समझौता उत्पादों के बेहतर मूल्य निर्धारण और मार्केटिंग में मदद करेगा।
मडुआ और करंज: झारखंड के नए ‘सुपरफूड’
मंत्री ने आंकड़ों के जरिए बताया कि कैसे बदलाव जमीन पर दिख रहा है। कभी छोटे स्तर पर होने वाली मडुआ की खेती अब 20 हजार हेक्टेयर से छलांग लगाकर एक लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई है। वहीं, सिद्धको फेड की पहल पर किसानों से 47 रुपये प्रति किलो की दर से करंज की खरीद की गई है, जो बिचौलियों के खात्मे की ओर एक बड़ा कदम है।
“झारखंड का 29 प्रतिशत वन क्षेत्र हमारी पूंजी है। हमारी बड़ी आबादी इन जंगलों पर निर्भर है, और अब हम इस निर्भरता को ‘आर्थिक मजबूती’ में बदलने जा रहे हैं।” — शिल्पी नेहा तिर्की, कृषि मंत्री
एक सामूहिक प्रयास
कार्यशाला में पीसीसीएफ संजीव कुमार सिंह और सिद्धको फेड के सीईओ शशि रंजन समेत कई विशेषज्ञों ने शिरकत की। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसान ‘वैल्यू एडिशन’ (मूल्य संवर्धन) पर ध्यान दें, तो इमली, महुआ और लाह जैसे उत्पादों से उनकी आय दोगुनी की जा सकती है। इस पहल से न केवल जंगलों का संरक्षण होगा, बल्कि पलायन जैसी समस्याओं पर भी लगाम लगेगी। झारखंड अब अपनी वन संपदा को कच्चे माल के रूप में बेचने के बजाय, उसे ‘ब्रांड’ बनाकर बाजार में उतारने को तैयार है।

