धनबाद | रिपोर्टर

झारखंड के कोयलांचल धनबाद के गोविंदपुर थाना क्षेत्र स्थित वास्तु विहार कॉलोनी में एक ऐसी खौफनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। यहां एक बंद घर के बाथरूम से लिपिका कुमारी नामक महिला का आधा जला हुआ शव बरामद किया गया है। दिल दहला देने वाली बात यह है कि यह घटना 7 अप्रैल की बताई जा रही है, लेकिन इसका खुलासा चार दिन बाद तब हुआ जब घर से असहनीय दुर्गंध आने लगी और पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी।

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पुलिस की शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आ रहे हैं, वे किसी फिल्मी थ्रिलर से कम नहीं हैं। मृतका के बड़े भाई प्रणव राज्यवर्धन का दावा है कि लिपिका मानसिक अवसाद (डिप्रेशन) में थी। उनके वैज्ञानिक पिता की 2023 में हार्ट अटैक से मौत के बाद से ही वह काफी परेशान रहने लगी थी। वह तलाकशुदा थी और अपने मायके में ही रह रही थी। बड़े भाई के अनुसार, घटना के दिन लिपिका को उल्टियां हुईं और वह गिर पड़ी। उन्होंने छोटे भाई को खबर दी, लेकिन वह नहीं आया। हैरानी की बात यह है कि शव कई दिनों तक घर में पड़ा रहा और जब उसमें कीड़े पड़ गए, तो घबराहट में उसे जलाने की कोशिश की गई।

वहीं, छोटे भाई प्रद्युत राज्यवर्धन ने बड़े भाई के इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। प्रद्युत का कहना है कि उसे इस घटना की कोई जानकारी नहीं दी गई और न ही उसने शव देखा है। दोनों भाईयों के विरोधाभासी बयानों ने पुलिस की गुत्थी को और उलझा दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह परिवार काफी लंबे समय से समाज से कटा हुआ रहता था और किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करता था।

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फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है कि यह महज एक हादसा है, आत्महत्या है या फिर इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर चार दिनों तक शव को घर के भीतर क्यों रखा गया और उसे जलाने की कोशिश के पीछे की असली वजह क्या है।

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