रांची: राजधानी में रामनवमी के पावन पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए झारखंड पुलिस ‘वार फुटिंग’ (युद्ध स्तर) पर काम कर रही है। बुधवार की देर रात जब शहर सो रहा था, तब राज्य की पुलिस महानिदेशक (DGP) तदाशा मिश्रा रांची एसएसपी कार्यालय में जिले के तमाम आला अफसरों के साथ सुरक्षा चक्र को अभेद्य बनाने की रणनीति तैयार कर रही थीं।

देर रात तक चली हाई-लेवल मीटिंग

DGP तदाशा मिश्रा की अध्यक्षता में हुई इस समीक्षा बैठक में सुरक्षा के हर बारीक पहलू पर चर्चा की गई। DGP ने स्पष्ट किया कि राजधानी की कानून-व्यवस्था से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे खुद जमीन पर उतरकर जुलूस और शोभायात्रा के रूट का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) करें, ताकि ऐन वक्त पर किसी संकरी गली या बाधा के कारण यातायात या सुरक्षा में चूक न हो।

सोशल मीडिया पर ‘तीसरी आंख’ का पहरा

त्योहारों के दौरान सबसे बड़ी चुनौती ‘डिजिटल अफवाहें’ होती हैं। DGP ने साइबर सेल और जिले के सभी थाना प्रभारियों को सख्त हिदायत दी है कि सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर 24×7 निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी भ्रामक सूचना या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली पोस्ट पर बिना समय गंवाए तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए।

संवेदनशील इलाकों की घेराबंदी

बैठक में भीड़-भाड़ वाले और संवेदनशील इलाकों की पहचान की गई है, जहाँ अतिरिक्त पुलिस बल और सादे लिबास में पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। DGP ने अफसरों से कहा, “पुलिस को न केवल सतर्क रहना है, बल्कि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए हर पल तैयार भी रहना है।”

इस महत्वपूर्ण बैठक में एडीजी सीआईडी सह रांची जोन आईजी मनोज कौशिक, एसएसपी राकेश रंजन, ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह, सिटी एसपी पारस राणा और ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर समेत जिले के सभी डीएसपी और थाना प्रभारी मौजूद थे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्थानीय शांति समितियों के साथ भी निरंतर संवाद बनाए रखें ताकि भाईचारे के साथ त्योहार संपन्न हो सके।

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