Chaibasa News: झारखंड में एनजीटी की रोक के बावजूद बालू माफियाओं का खेल खुलेआम जारी है। पश्चिम सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर प्रखंड के गुमुरिया और मुंडाई पंचायतों में हर रोज रात के अंधेरे में ट्रैक्टर और हाइवा गाड़ियां बालू ढोते देखी जा रही हैं।

पूर्व मंत्री और भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष बड़कुंवर गागराई ने इस मामले में प्रशासन और खनन विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि रोजाना रात करीब 2 बजे से बालू का अवैध परिवहन शुरू हो जाता है और पूरी रात चलता है। सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जब एनजीटी ने नदी से बालू खनन और परिवहन पर पूरी तरह से रोक लगा रखी है, तो फिर बाजार में बालू कहां से आ रहा है?

गागराई ने आशंका जताई कि विभाग द्वारा पहले जब्त किए गए बालू को ही माफियाओं के जरिए बेचा जा रहा है और इसमें खनन विभाग व स्थानीय पुलिस की मिलीभगत साफ दिखाई दे रही है। इससे दोनों विभागों को भारी आर्थिक लाभ हो रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ महीने पहले बालू उठाव के दौरान एक नाबालिग की ट्रैक्टर के नीचे दबकर मौत हो गई थी, लेकिन उस केस को भी रफा-दफा कर दिया गया।

पूर्व मंत्री ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अवैध कारोबार से न केवल सरकारी राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि ग्रामीणों की सुरक्षा और सड़कों को भी नुकसान पहुंच रहा है। स्थानीय लोग भी इस धंधे से परेशान हैं और रातभर ट्रैक्टर-हाइवा की आवाजाही से शांति व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

गागराई ने साफ चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की तो भाजपा सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी। उन्होंने राज्य सरकार और खनन विभाग से अविलंब इस अवैध धंधे पर रोक लगाने और इसमें शामिल माफियाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

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