Jharkhand News: शुक्रवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय में आयोजित जनता दरबार केवल शिकायतों के समाधान का मंच ही नहीं, बल्कि मानवीयता और संवेदनशीलता का जीवंत उदाहरण भी बन गया। उपायुक्त (DC) अजय नाथ झा की अध्यक्षता में आयोजित इस दरबार में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए आम लोगों की समस्याएं सुनी गईं और त्वरित निर्देश दिए गए।
लेकिन दरबार का सबसे भावनात्मक क्षण उस समय आया, जब चास प्रखंड के कुरा निवासी दिव्यांग सुरेश पांडेय अपनी समस्या लेकर पहुंचे। सुरेश चलने-फिरने में असमर्थ हैं और काफी समय से ई-ट्राई साइकिल की मांग कर रहे थे। जैसे ही उन्होंने अपनी पीड़ा व्यक्त की, उपायुक्त झा कुर्सी छोड़कर उनके पास पहुंचे और घुटनों पर बैठकर सहानुभूति के साथ उनकी बातें सुनीं। यह दृश्य उपस्थित सभी लोगों को भावुक कर गया।
48 घंटे में ट्राई साइकिल का आदेश
विस्थापितों को मिलेगा रोजगार और प्रशिक्षण
भूमि विवाद, पेंशन, बिजली-पानी जैसी समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश
सरकारी कर्मियों के लिए जनता दरबार नहीं
जनता दरबार के दौरान एक सरकारी कर्मी प्रीति कुमारी दत्ता, जो चंदनकियारी अंचल कार्यालय में कार्यरत हैं, बिना अवकाश स्वीकृति के व्यक्तिगत समस्या लेकर पहुंच गईं। उपायुक्त ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए नाराजगी जताई और उनसे स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता दरबार आम जनता के लिए है, सरकारी कर्मियों को नियमानुसार आवेदन देकर मिलना चाहिए।
सामाजिक संगठनों से हुई शिष्टाचार भेंट
राजेंद्र नगर रेसिडेंस, मूल रैयत विस्थापित मोर्चा सहित कई सामाजिक संगठनों ने उपायुक्त से भेंट की और क्षेत्रीय समस्याओं को साझा किया। उपायुक्त ने सभी को आश्वस्त किया कि समस्याओं का समाधान प्राथमिकता पर होगा।
अंत में उपायुक्त का संदेश
उपायुक्त अजय नाथ झा ने जनता दरबार को संबोधित करते हुए कहा, “हिम्मत नहीं हारना है, भावुक नहीं होना है, संघर्ष करना है… जिला प्रशासन आपके साथ है।”
मौके पर उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, डीपीएलआर मेनका, अपर समाहर्ता मो. मुमताज अंसारी, जन संपर्क पदाधिकारी रवि कुमार, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा पियूष, अविनाश कुमार सिंह सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।



