Close Menu
Public AddaPublic Adda
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • यूपी
  • राजनीति
  • स्पोर्ट्स
  • सोशल
  • अन्य
Facebook X (Twitter) Instagram
Public AddaPublic Adda

  • Home
  • India
  • World
  • States
    • Jharkhand
    • Bihar
    • Uttar Pradesh
  • Politics
  • Sports
  • Social/Interesting
  • More Adda
Public AddaPublic Adda
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • यूपी
  • राजनीति
  • स्पोर्ट्स
  • सोशल
  • अन्य
Home»#Trending»राजभवन के समक्ष सरना धर्म कोड की मांग, निशा भगत का मुंडन
#Trending

राजभवन के समक्ष सरना धर्म कोड की मांग, निशा भगत का मुंडन

By Shiwam KeshriDecember 12, 20252 Mins Read
Facebook Twitter WhatsApp Threads Telegram
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email Telegram WhatsApp Threads Copy Link

अपनी भाषा चुनेें :

बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...

सरना धर्म कोड की मांग और धर्मांतरण पर रोक के लिए आदिवासी समाज का उग्र तेवर, केंद्रीय सरना समिति का ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन

रांची में शुक्रवार को सरना धर्म कोड की मांग और बढ़ते धर्मांतरण के खिलाफ आदिवासी समाज ने एक प्रभावशाली संदेश दिया। राजभवन के सामने आयोजित एक दिवसीय धरना तब ऐतिहासिक बन गया, जब केंद्रीय सरना समिति की उपाध्यक्ष और जानी-मानी आदिवासी नेत्री निशा भगत ने अपने बाल मुंडवाकर सरकार के प्रति कड़ा विरोध दर्ज कराया। कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष फूलचंद तिर्की ने की।

मुंडन के बाद मीडिया से बातचीत में निशा भगत ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि झारखंड में धर्मांतरण तेजी से बढ़ रहा है और सरकार इसे रोकने में पूरी तरह विफल रही है। उनके मुताबिक, चंगाई सभाओं के नाम पर आदिवासी परिवारों को गुमराह किया जा रहा है और प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मिशनरी संस्थाएं लंबे समय से प्रभावी रही हैं, जबकि सरकार सबकुछ जानते हुए भी मौन है।

निशा भगत ने कहा कि झारखंड की 28 आदिवासी आरक्षित सीटों के बावजूद सरकार 10 धर्मांतरित विधायकों के दबाव में चल रही है। “हेमंत सोरेन की सरकार उन्हीं के सहारे टिकी है। आदिवासी अस्मिता की रक्षा के लिए यह बलिदान दिया है,” उन्होंने कहा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार जल्द सरना धर्म कोड लागू नहीं करती, तो बड़ा जनआंदोलन खड़ा होगा।

समिति की नेत्री एंजिल लकड़ा ने कहा कि एक महिला के लिए बाल सबसे बड़ा श्रृंगार है, लेकिन धर्मांतरण के खिलाफ संघर्ष के लिए यह त्याग किया गया है। समिति ने साफ किया कि अगर मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन और अधिक उग्र होगा।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Follow on Google News
Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Threads Copy Link

Related Posts

भीषण गर्मी के बीच डीवीसी केटीपीएस का बड़ा कदम, श्रमिकों को किया जागरूक

June 17, 2026

झारखंड में मानसून बेअसर : 57 फीसदी कम बरसे बादल, भीषण गर्मी के बीच ऑरेंज अलर्ट जारी

June 17, 2026

झारखंड में बदला आतंकवाद से लड़ने का सिस्टम; सीआईडी के अधीन हुआ एटीएस

June 17, 2026

RECENT ADDA.

भीषण गर्मी के बीच डीवीसी केटीपीएस का बड़ा कदम, श्रमिकों को किया जागरूक

June 17, 2026

झारखंड में मानसून बेअसर : 57 फीसदी कम बरसे बादल, भीषण गर्मी के बीच ऑरेंज अलर्ट जारी

June 17, 2026

गिल-ईशान का तूफान, भारत ने अफगानिस्तान के सामने रखा 403 रन का विशाल लक्ष्य

June 17, 2026

झारखंड में बदला आतंकवाद से लड़ने का सिस्टम; सीआईडी के अधीन हुआ एटीएस

June 17, 2026

कोटा पहुंचे राहुल गांधी, बोले- NEET छात्रों की मौतें व्यवस्था की विफलता

June 17, 2026
Today’s Horoscope
© 2026 Public Adda. Designed by Launching Press.
  • About
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Adsense

Home

News

Web Stories Fill Streamline Icon: https://streamlinehq.com

Web Stories

WhatsApp

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.