Noida: दिल्ली-NCR में रहने वाले लोगों के लिए फरवरी का यह महीना दोहरी मार लेकर आया है। एक तरफ जहां मौसम का मिजाज बार-बार बदल रहा है, वहीं दूसरी तरफ वायु प्रदूषण का स्तर भी खतरनाक श्रेणी में बना हुआ है। इस बदले हुए माहौल का सीधा असर लोगों की सेहत पर दिख रहा है। नोएडा और गाजियाबाद के जिला अस्पतालों की ओपीडी में इन दिनों मरीजों की लंबी कतारें लगी हैं, जिनमें से लगभग आधे लोग मौसमी बीमारियों और प्रदूषण से होने वाली परेशानियों से जूझ रहे हैं।

प्रदूषण और मौसम का जानलेवा मेल

NCR में इस समय तापमान का संतुलन पूरी तरह बिगड़ा हुआ है। सुबह और शाम के वक्त हल्की ठंड महसूस होती है, जबकि दिन में तेज धूप लोगों को पसीने छुड़ा रही है। भारतीय मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, अधिकतम तापमान 23 से 26 डिग्री और न्यूनतम तापमान 11 से 12 डिग्री के आसपास बना हुआ है। मौसम की इसी लुका-छिपी के बीच हल्की धुंध ने प्रदूषण को जमीन के करीब रोक रखा है, जिससे सांस लेना दूभर हो गया है।

हवा में घुला जहर: डरा रहे हैं आंकड़े

वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) की स्थिति पर नजर डालें तो गाजियाबाद का लोनी इलाका 402 AQI के साथ सबसे ज्यादा प्रदूषित दर्ज किया गया है। दिल्ली के बवाना, नरेला और मुंडका जैसे क्षेत्रों में भी स्थिति ‘बेहद गंभीर’ श्रेणी में है, जहां सूचकांक 350 के पार जा चुका है। नोएडा में भी सेक्टर-125 और सेक्टर-116 जैसे इलाकों में हवा की गुणवत्ता लगातार खराब बनी हुई है। प्रदूषण के इस स्तर ने बुजुर्गों और बच्चों के लिए घर से बाहर निकलना जोखिम भरा बना दिया है।

अस्पतालों में बढ़े संक्रमण के मामले

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हवा में मौजूद धूल के कण और बदलता तापमान शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को कमजोर कर रहा है। जिला अस्पतालों की ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों में गले में खराश, तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ और आंखों में जलन की शिकायतें आम हैं। इसके साथ ही नमी बढ़ने के कारण पेट में संक्रमण, उल्टी और दस्त के मामले भी तेजी से रिपोर्ट किए जा रहे हैं।

डॉक्टरों और प्रशासन की सलाह

स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे इस मौसम में खान-पान और रहन-सहन को लेकर विशेष सावधानी बरतें। डॉक्टरों के अनुसार, सुबह और शाम की धुंध के दौरान सैर पर निकलने से बचें और बाहर जाते समय मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। धूल और धुएं से बचने के लिए खिड़कियां बंद रखने और ज्यादा से ज्यादा साफ पानी पीने की सलाह दी गई है। साथ ही, बाहर के तली-भुनी चीजों से परहेज करना इस समय बेहद जरूरी है।

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